संवाद न्यूज एजेंसी बिलावर। बारिश ने इलाके के लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। साथ ही सफाई व्यवस्था को लेकर नगर कमेटी के दावों की पोल भी खोल दी। सुबह 8 बजे शुरू हुई बारिश दोपहर एक बजे तक जारी रही। बारिश के बाद उपमंडल से बहने वाले बरसाती नदी और नालों का जलस्तर बढ़ गया, जिस कारण दो दरियाओं के बीच में बसे बैरिल गांव का सड़क संपर्क अन्य इलाकों से कट गया।
दूरदराज इलाकों को जोड़ने वाली मछैड़ी सड़क, धार डूगनू सड़क और अन्य कई लिंक मार्गों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर 1 बजे बारिश रुकने के बाद उपमंडल का मौसम सुहावना हो गया। बुधवार को इलाके का अधिकतम तापमान 25 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया।
बारिश से कस्बे के मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों में जलभराव होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कारण लोगों में नगर कमेटी के खिलाफ रोष है। करण सिंह, तरुण खजूरिया, संजय कुमार और पंकज ने बताया कि अकसर बारिश के बाद लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि नगर कमेटी की ओर से नालों और नालियों की समय पर सफाई न करना इसका मुख्य कारण है। पिछले कई सालों से नगर कमेटी के अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। सबसे अधिक समस्या पैदल चलने वाले राहगीरों को कटली मोड पर उठानी पड़ी, जहां सड़क के बीचोबीच बने एक फीट गहरे गड्ढे में पानी भर गया।
पॉलीथिन बना जलभराव का बड़ा कारण
नगर कमेटी की ओर से पाॅलीथिन पर रोक लगाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके प्रयोग को रोकने के लिए कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। बारिश के बाद गलियों और नालियों से बहती हुई पॉलीथिन को स्थानीय लोगों ने नालियों से बाहर निकाला। इसके बाद जलभराव वाले स्थानों पर आवागमन करने के लिए लोगों को थोड़ी राहत मिली।