यह राह नहीं आसान, बस इतना समझ लीजिएकठुआ।यह तालाब है और हर गुजरने वाले को डूबकर जाना है कठुआ वॉ
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जेल रोड, जराई रोड और गुज्जर हॉस्टल के पास नाले ब्लॉक, डीसी कार्यालय के बाहर सड़क हुई जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर और आसपास के इलाकों में बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी है। सुबह दो घंटों की बारिश ने ही जिला प्रशासन और नगर परिषद के विकास की पोल खोल दी। शहर के मुख्य बाजार, जेल रोड, जराई रोड और गुज्जर हॉस्टल के पास नाले के ब्लॉक होने से पानी सड़कों पर बहने लगा।
वहीं, जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर और राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन अंडरपास स्थल पर सड़कें जलमग्न रही। बारिश बंद होने के बाद भी कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। इससे राहगीरों और नौकरी पेशे वालों को जलमग्न सड़कों से निकलने में दिक्कतों से रूबरू होना पड़ा। मंगलवार की सुबह 10 बजे के बाद शुरू हुई बारिश के चलते हाईवे से लेकर शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि साढ़े 12 बजे तक बंद हो चुकी थी, लेकिन तब तक बारिश के पानी ने शहर के मुख्य चौक चौराहों और सड़कों को यातायात को अवरुद्ध कर चुका था। यही सिलसिला बारिश रुकने के बाद कई घंटों तक जारी रहा। मुखर्जी चौक स्थित मुख्य बाजार में नालों के ब्लॉक होने से बरसात का पानी सड़कों पर बहने लगा। जिससे लोगों को बारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगभग यही हाल कोर्ट रोड से लेकर गुज्जर छात्रावास चौक तक और जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर जमा बरसात के पानी ने यातायात को धीमा कर दिया। सड़कों पर एक फीट से दो फीट तक पानी रुकने से राहगीरों और मोटरसाइकिल सवारों को दो-चार होना पड़ा। चौक-चौराहों पर बरसात का पानी खड़ा होने से लोगों को भारी दिक्कतें हुईं, तो हाईवे पर खरोट मोड और हटली मोड़ इलाके में भी जलमग्न हुई मुख्य सड़क ने भी यातायात को सुस्त बना दिया।
दुकानदार प्रवीन कुमार ने बताया कि बरसात से पहले नगर परिषद को शहर के आसपास सभी नालों की साफ-सिफाई करवानी चाहिए। जो पिछले कई सालों से नहीं हुई है। अगर पानी की निकासी का उचित बंदोबस्त हो तो शहर में पानी नहीं रुकता है। लेकिन पिछले कई सालों से शहर के डीप ड्रेन की सफाई ही नहीं हुई। जिसके चलते शहर से निकलने वाले पालीथीन और कचरे से ज्यादातर नाले बंद हो गए है। परिषद को चाहिए कि जितनी जल्दी हो सके मुख्य नालों की सफाई करवाई जाए। अभी तो बरसात शुरू हुई, अगर समय रहते निकासी का पुख्ता बंदोबस्त नहीं हुआ तो भविष्य में स्थित और भी विकराल हो सकती है।