मानसून ने दी दस्तक, झमाझम हुई बारिश
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जुलाई माह के पहले पखवाड़े में दो बार आए तेज तूफान से भारी नुकसान हुआ है। सोमवार रात तेज आंधी और बारिश से जहां एक दुकान की दीवार गिर गई, वहीं दो घरों में पानी भर गया। इससे पूर्व बीते सप्ताह भी तेज आंधी और तूफान ने जिला भर में भारी तबाही मचाई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते सप्ताह सबसे अधिक नुकसान बिजली विभाग को झेलना पड़ा।
एक ही रात में जहां तीन दर्जन के लगभग ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे, वहीं कई जगह बिजली के तार भी टूट गए थे। हालांकि जिला उपायुक्त ने राहत कार्य की कमान संभालते हुए बारह घंटे के भीतर ही अधिकतर इलाकों में बिजली सेवा को बहाल करवा दिया। अब सोमवार रात आई आंधी ने भले ही शहर को बख्स दिया, लेकिन दूरदराज के इलाकों में बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचाया है।
सोमवार रात हुई तेज बारिश के चलते लखनपुर-बसोहली मार्ग पर धनोड़ गांव के निकट जलभराव हो गया। इससे दो घरों में जहां पानी भर आया, वहीं पास की दुकान की दीवार भी भराभरा कर गिर गई। स्थानीय निवासी मोहिंद्र पाल ने बताया कि लोकनिर्माण विभाग द्वारा सड़क का काम करवाया गया है। पानी की निकासी बंद हो जाने से जलभराव हो गया था।
विभागीय अधिकारियों को पहले भी समस्या के संबंध में बताया गया था, जिसे गंभीरता से नहीं लिया गया। आखिरकार उन्हें विभागीय कामकाज की कीमत चुकानी पड़ी है। मोहिंद्र ने बताया कि दो घरों में भी पानी घुस आने से सारा सामान भीग गया है। बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए सेवाभाव से लंगर लगाए बैठे सेवादारों को तूफान से भी नुकसान झेलना पड़ा है।
सोमवार देर रात आई आंधी में मग्गर खड्ड से सटे लंगर स्थल पर टेंट को भारी नुकसान पहुंचा। लंगर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि देर रात अचानक आए तूफान ने संभलने तक का मौका नहीं दिया। लंगर के लिए लगाए गए टेंट टूट गए। मंगलवार को लंगर कमेटी सदस्य टेंटों की मरम्मत करते नजर आए। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के भक्तों की सेवा पूरी की जाएगी। लंगर हर हाल में जारी रहेगा।