बरवाल को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर रेलवे की ओर से अधूरे सबवे को लेकर प्रदर्शन करते लोग।
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कठुआ। बरवाल रेलवे अंडरपास का निर्माण अधूरा और पानी की निकासी सुचारु नहीं होने के विरोध में लोगों ने रेलवे के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लोगों की गुहार के बाद भी अंडरपास से पानी की निकासी ठीक तरीके से नहीं करवाई जा रही है। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। नाराज लोगों ने प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लिया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल बरवाल पंचायत वेस्ट के पंच पवन सिंह ने बताया कि गत नौ माह से बरवाल लिंक रोड पर रेलवे की ओर से अंडरपास का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके चलते लिंक मार्ग पर आवाजाही बंद है। ग्रामीणों को अन्य लंबे रूटों से होकर गांव पहुंचना पड़ रहा है। इतना ही नहीं निर्माणाधीन अंडरपास में हल्की सी बारिश होने पर भी कई फीट पानी भर जाता है। ऐसे में वहां से गुजरना लगभग नामुमकिन हो जाता है। रोष प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे की ओर से बनाए गए अंडरपास के निर्माण में सुस्ती बरती जा रही है। वहां से पानी की निकासी भी सुनिश्चित नहीं की गई है। जो जलभराव की स्थिति पैदा करती है। ऐसे में ग्रामीणों को लोगेट, ठनून व अन्य लिंक मार्गों से होकर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है। अंडरपास के निर्माण में हो रही देरी को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों को डराया धमकाया जाता है। हालांकि बरवाल को मॉडल गांव का दर्जा दिया गया है। लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाए कि गांव को जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। लोगों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। पंचायत की दस हजार आबादी को प्रताड़ित किया जा रहा है। जो लोगों के रोष का कारण बन रहा है। रेलवे से समस्या के संबंध में बात करने पर ग्रामीणों की मांगों को अनसुना कर दिया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग करते हुए कहा कि अंडरपास का निर्माण बेहमर तरीके से करवाया जाए अन्यथा ग्रामीण अंडरपास का निर्माण नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि गत दिनों अंडरपास में जमा कई फीट पानी के चलते वहां से गुजर रहा वाहन पूरी तरह से डूब गया। जिससे स्थानीय लोगों ने जद्दोजहद करके बाहर निकाला था।