गांव खरोट त्रालां के लोगों का गुस्सा पेयजल समस्या के विरोध में नहीं थम रहा है। शनिवार को लोगों ने फिर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा उस समय भड़का जब विभाग के एईई ट्यूबवेल पर पहुंचे।
लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और अधिकारी के साथ जमकर बहसबाजी भी की। लोगों ने साफ कहा कि अगर उन्हें पानी नहीं मिलेगा तो वही किसी अधिकारी को भी ट्यूबवेल तक नहीं आने देंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रेम सिंह ने कहा कि पिछले कई सालों से उन्हें पेयजल नहीं मिल रहा है और विभाग बार बार ट्यूबवेल पर लगाए गए ताले को खुलवाने के लिए उन्हें तंग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर विभाग बार बार उन्हें ऐसे ही तंग करता रहेगा तो उन्हें मजबूरन उग्र रुख अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि पानी के लिए स्थानीय लोगों ने कई प्रयास किए लेकिन विभाग ने आज तक कोई प्रयास नहीं किया है। लोगों ने एईई उपिंद्र का घेराव किया और कहा कि विभागीय अधिकारियों को अगर ताला खुलवाना है तो वह पहले उन्हें पानी दें।
लोगों ने कहा कि विभाग मशीनें लेने के लिए विभागीय कर्मचारियों को कई बार भेज चुका है लेकिन अभी तक उन्हें पानी क्यों नहीं दिया गया। लोगों ने कहा कि जब पानी के लिए विभाग से गुहार लगाई गई तो मात्र आश्वासन ही दिए गए। ऐसे में लोगों को पानी चाहिए न की विभागीय अधिकारियों के दौरे।
वहीं एईई ने कहा कि वह ऊपरी गांव से जा रही पाइप लाइन से उन्हें पानी देने के लिए योजना बना चुके हैं और अगर ऐसा नहीं हो पाया तो वह नए ट्यूबवेल को अगले शनिवार तक ठीक कर देंगे।
इसके बाद लोगाें ने अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो विभाग को फिर लोगों के रोष का सामना करना पड़ेगा।