कठुआ। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कट्टरपंथियों की ओर से हिंदुओं पर लगातार हो रह अत्याचारों को लेकर शहर के विभिन्न संगठनों ने जिला उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन को सौंपा। उन्होंने बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की हैं।
सोमवार को शिष्टमंडल में शामिल दर्जनों समाजसेवियों ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से मांग की है कि बांग्लादेश में स्थापित अंतरिम सरकार से बात कर हिंदुओं की जानमाल की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
शिष्टमंडल में शामिल अधिवक्ता हिमांशु शर्मा ने कहा कि जिस तरह से पिछले दिनों बांग्लादेश में कट्टरपंथी जानबूझ कर हिंदुओं की संपत्ति और औरतों को निशाना बनाया गया है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की है कि हिंदुओं की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अल्पसंख्यक आयोग का गठन होना चाहिए। वहां की संसद और विधानसभा में 10 प्रतिशत सीटें हिंदुओं के लिए आरक्षित होने के साथ वहां की संसद में कड़े कानून बनाकर अल्पसंख्यक समुदाय की संपत्ति संरक्षण होना चाहिए। वहीं, शशि शर्मा का कहना है कि भारत सरकार को सीएए के तहत बांग्लादेशी हिंदुओं को नागरिकता प्रधान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू हमेशा ही शांति प्रिय रहा, जिसका परिणाम है कि मुगलों से लेकर अलग-अलग देशों की सरकारें और कट्टरपंथी लगातार हिंदू पर अत्याचार कर रही हैं। इसके कारण विदेशों में हिंदुओं की लगातार संख्या कम होती जा रही है, जबकि भारत में बढ़ रही हैं। अब जरूरत है हिंदुओं को एक होने की ताकि समय रहते इसका मुंहतोड़ जवाब दिया सके। इस मौके पर रमेश भारती, संदीप सिंह, मंयक बगोत्रा, अमित कुमार, विपुल गुप्ता, राम कुमार आदि मौजूद रहे।