हीरानगर। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से जमीन की नकल लेने के लिए 25 गुना बढ़ाई गई फीस किसानों को मंजूर नहीं है। इस शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ मंगलवार को किसानों ने मढ़ीन तहसील कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले जमीन की नकल लेने के लिए उन्हें 20 रुपये शुल्क देना पड़ता था। अब 500 रुपये वसूले जा रहे हैं। सरकार का यह फैसला किसान विरोधी है। इसे जल्द वापस लिया जाए। किसानों ने कहा कि हर बार धान या अन्य फसल बेचने के लिए मंडियों में जमीन की नकल मांगी जाती है। छोटा किसान कहां से हर बार इतने पैसों का इंतजाम करेगा। प्रदर्शन में शामिल किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि सरकार किसानों पर मनमानी नीतियां थोप रही है। नेशनल कान्फ्रेंस के नेता धर्मपाल कुंडल ने कहा कि सरकार आम नागरिकों को लगातार महंगाई के तोहफे दे रही है। इस महंगाई के दौर में आम नागरिक का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जमीन की नकल पर बढ़ाए गए शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन शुरू कर करेंगे। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता घनश्याम शर्मा, अनिल शर्मा, बलवान सिंह, मखनी बंदराल, बीना देवी व अन्य किसान शामिल रहे।
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ऑनलाइन सेवाओं में
भी आ रही दिक्कतें
- किसान बोले- कई तहसीलों में इंटरनेट तक नहीं
किसानों ने सरकार की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन सेवाओं को लेकर भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन आम लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक तो कर रहा है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा कि तहसील कार्यालय में कहीं इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो कहीं इसका इस्तेमाल करना अधिकारियों को अभी तक नहीं आया है। इससे आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। पूरी जानकारी न होने से जनता को इन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।