बिलावर। मनरेगा इंजीनियर ग्रामीण विकास विभाग में पक्की नौकरी के लिए बीते नौ दिन से हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी इनकी मांगें सुनने नहीं आया है। प्रधान सारांश महाजन ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा इंजीनियरों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बीते वर्ष मार्च में सरकार ने आश्वासन दिया था कि जल्द उनके लिए भर्ती नीति बनाई जाएगी और उन्हें ग्रामीण विकास विभाग में स्थायी किया जाएगा, लेकिन इस संबंध में सरकार ने आज तक कुछ नहीं किया। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रखेंगे। बता दें कि 17 मई से मनरेगा इंजीनियर काम छोड़ हड़ताल कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण विकास विभाग के अधीन चल रहे काम प्रभावित हुए हैं। ठेकेदार तिलक वर्मा, रंजीत सिंह, विपुल और अन्य लोगों ने बताया कि इंजीनियरों की हड़ताल से उनके कई प्रकार के सरकारी दस्तावेज लंबित होते जा रहे हैं।