कठुआ। घाटी में औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक भू माफिया सक्रिय है, जो सरकारी जमीनों को तो हड़प रहा है, कब्जा धारकों को भी लाखों रुपये देखकर कृषि योग्य भूमि को बंजर करने में लगा हुआ है। यह आरोप डीसी दफ्तर पहुंचे इलाके के लोगों ने लगाए हैं। उन्होंने राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बताया कि 1320 ई. में जसरोटा वंशज कर्णदेव सिंह द्वारा कृषि योग्य जमीन दबवाल के चंगर इलाके में तैयार की गई थी। यह सिंचित क्षेत्र है, लेकिन साजिश के तहत इसे बर्बाद किया जा रहा है। घाटी के समाजसेवी रवैल सिंह ने आरोप लगाया कि औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार काम कर रही है, लेकिन मिलीभगत के बीच घाटी औद्योगिक क्षेत्र के आसपास भू माफिया सक्रिय हो गया है। बताया कि भू माफिया ने रजवाड़ों के समय से चली आ रही कृषि भूमि का बदलाव कर दिया है, जिस पर धान उगाया जाता था। आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से सरकारी जमीनों को मलकीयत बनाया जा रहा है।