जम्मू-कश्मीर के सभी बार्डर सील किए जाने और लखनपुर, अटल सेतु से कोरोना जांच के बाद ही लोगों को प्रदेश में दाखिले की कार्रवाई के बाद दैनिक यात्रियों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। पंजाब से कठुआ और सांबा रोजाना आना जाना करने वाले यह अधिकतर लोग दिहाड़ीदार या इकाइयों में काम करने वाले हैं। उन्होंने प्रदेश प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए लगभग चार घंटे तक जम्मू कश्मीर-पंजाब की सीमा पर रावी पुल को जाम कर रोष जताया।
दैनिक यात्रियों ने मांग की कि उन्हें रोजाना की जांच से छूट दी जाए, ताकि वे समय पर काम पर पहुंच सकें। उधर, प्रशासन ने दैनिक यात्रियों के लिए सात दिन की वैद्यता वाले पास जारी करने का आश्वासन दिया है, बशर्ते की उन्हें एक सप्ताह बाद फिर कोरोना जांच करवाने के बाद ही यह पास जारी किए जाएंगे। इससे पहले सुबह दस बजे के लगभग लखनपुर पंजाब बार्डर पर एक्सपोर्ट रावी पुल पर बड़ी संख्या में लोग हाईवे पर उतर आए और यातायात को बंद कर दिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लखनपुर में करोना जांच में उनके कई घंटे रोजाना बर्बाद होंगे। ऐसे में वे लोग समय पर कामकाज पर नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने दो टूक चेतावनी दे डाली की यदि प्रदेश में उन्हें आवाजाही की अनुमति नहीं दी गई तो पंजाब में जम्मू कश्मीर से लोगों को भी नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी, तहसीलदार कठुआ और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
प्रशासन से अनुमति लेकर उन्हें आश्वासन दिया गया कि उन्हें एक बार जांच करवाने पर सप्ताह की वैद्यता वाले पास जारी किए जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हट गए। उधर, इस बीच एक्पोर्ट पुल बंद होने से प्रदेश के बाहर जाने वाले वाहन, लखनपुर कॉरिडोर से होते हुए इंपोर्ट पुल से जाने का प्रयास करते रहे जिन्हें पुलिस और यातायात विभाग ने रोक दिया। पंजाब से आने वाले लोगों को पैदल ही लखनपुर कॉरिडोर तक आना पड़ रहा है।
जांच के लिए लग रहीं कतारें, फिर लगने लगा घंटों का समय
लखनपुर कॉरिडोर पर जांच के दायरे में हर आगंतुक को शामिल किए जाने के बाद पिछले तीन दिनों से लगातार लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में लोगों को जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दैनिक यात्रियों के साथ साथ माता वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी लखनपुर में जांच के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं।
एनटीपीएचसी खरोट के बाद कठुआ पालीटेक्निक कॉलेज भी बना कोविड केयर सेंटर
एनटीपीएचसी खरोट को बीते सप्ताह से ही कोविड केयर सेंटर नोटिफाई किए जाने के बाद प्रशासन ने बडाला स्थित कठुआ पालीटेक्निक कॉलेज को भी कोविड केयर सेंटर नोटिफाई कर दिया गया है। खरोट कोविड केयर सेंटर में जहां सौ लोगों की आइसोलेशन को लेकर व्यवस्था है वहीं बडाला के इस कोविड केयर सेंटर में 150 लोगों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि कठुआ पालीटेक्निक कॉलेज को नोटिफाई कर दिया गया है। ऐसे में अब जिले में 250 लोगों को आइसोलेट करने की व्यवस्था कर दी गई है।