केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान कठुआ के किसानों ने भी सरकार के फैसले के खिलाफ अपना रोष जताया है। शुक्रवार को शहर के ड्रीमलैंड पार्क में जमा हुए दर्जनों किसानों ने ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और अपनी मांगों का ज्ञापन डीसी कठुआ को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिना चर्चा के जिस प्रकार से अपने तीन कृषि के काले कानूनों को लागू किया है। वह उसकी नियत में खोट का परिचायक है। उन्होंने कहा कि आज संयुक्त किसान मोर्चा आवाहन पर पूरे देश में 12 घंटे का बंद है। जिसमें कठुआ के किसान भी शामिल है।
उन्होंने भारत सरकार से किसानों के हक में फैसला लेने के लिए उनकी मांगों को जल्द पूरा किए जाने की मांग रखी। वही इस मौके पर डोगरा स्वाभिमान संगठन के नेता जितेंद्र सिंह पप्पू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के संघर्ष को केवल पंजाब और हरियाणा के किसानों का संघर्ष दिखाने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब यह पूरे देश के हर नागरिक का संघर्ष बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी आज खेती के साथ जुड़ी हुई है और उनके हक को देने के बजाय सरकार उन्हें पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। जिसका विरोध करते हैं। उन्होंने सरकार से कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने के साथ-साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देने की मांग करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बहुसंख्यक आबादी इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। जिसके नतीजे काफी खराब हो सकते हैं। लिहाजा केंद्र सरकार इस मसले पर जल्द फैसला लेकर समाधान का रास्ता तलाश करें।