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सरकारी भूमि को खाली कराने के फैसले पर बिफरे सीमावर्ती लोग

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हीरानगर। सरकारी भूमि को खाली कराने के फैसले का विरोध करते हुए सीमावर्ती लोगों ने बॉर्डर यूनियन के बैनर तले एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि दस दिन के भीतर इन मुद्दे पर बात करने के लिए कोई नेता या अधिकारी नहीं आया तो आंदोलन किया जाएगा।
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यूनियन के उपाध्यक्ष भारत भूषण शर्मा ने कहा कि करीब छह दिन पहले गृह मंत्रालय की ओर से आदेश जारी किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर प्रदेश में स्टेट लैंड और कस्टोडियन लैंड को खाली करने को कहा गया है। सरकार के इस आदेश का सबसे अधिक नुकसान सीमावर्ती किसानों को होगा, जहां 80 प्रतिशत किसान इसी भूमि पर निर्भर हैं। आजादी के बाद इन किसानों ने इस भूमि पर खून पसीना बहाकर इसे खेती के लायक बनाया है। इन पर खेती कर कई परिवारों का गुजर-बसर हो रहा है। अब सरकार इन किसानों से भूमि छीन रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार यहां के किसानों को भूमिहीन करना चाहती है। इसलिए अब इस तरह के कानूनों का डटकर मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 10 दिन के भीतर परेशानी का समाधान नहीं किया गया, तो सभी सीमावर्ती गांवों को लामबंद कर सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलेंगे। प्रदर्शन के बाद यूनियन के सदस्यों ने एसडीएम राकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बीडीसी चेयरमैन मढ़ीन कर्ण कुमार, बीडीसी चेयरमैन हीरानगर रामलाल कालिया, यूनियन के अध्यक्ष नानक चंद, कांग्रेस नेता रमेश कुंडल, अशोक कुमार, अजीत वर्मा, पंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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