कठुआ। केंद सरकार द्वारा देश के किसी भी नागरिक को जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का अधिकार दिए जाने के विरोध में पैथर्स पार्टी मुखर हो गई है। रविवार को शहर मुखर्जी चौक में पार्टी की इकाई के सदस्यों ने इसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए केेंद्र सरकार का पुतला जलाया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे पार्टी के जिला प्रधान रॉबिन शर्मा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने सुहाने सपने दिखाए कि इससे रोजागार का सृजन होगा, लेकिन सरकार लोगों को राहत देने के बजाए अपनी मनमानी पर उतर आई है। बिना सोचे समझे निर्णय लिए जा रहे हैं, जिसका आने वाले समय में नुकसान यहां के नागरिकों को भुगतना पड़ेगा। सरकार के इस नए कानून से सबसे ज्यादा कठुआ, सांबा और जम्मू जिले प्रभावित होंगे। कोरोना संकट के दौर में लोग जब रोजीरोटी के लिए पहले ही परेशान हैं, उन्हें सरकार के फैसले और ज्यादा परेशान कर रहे हैं। पहले लोगों को प्रताड़ित करने के लिए जगह-जगह टोल प्लाजा लगाए गए। अब नए भूमि कानून से उनके अंदर असुरक्षा की भावना पनप रही है। पहले वर्ष 1971 में आए भूमि कानून के कारण अब लोगों के पास थोड़ी-थोड़ी ही जमीन बची है। नया कानून उन्हें भूमिहीन करने की साजिश है। इसका पैंथर्स पार्टी विरोध करती है। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ एक जुट हों, नहीं तो आने वाले समय में सरकार उनके खिलाफ एक के बाद एक ऐसे जनविरोधी कानून लाती रहेगी।
भूमि कानून के खिलाफ आज धरने पर बैठेंगे सीमावर्ती लोग
हीरानगर। नए भूमि कानून के खिलाफ सोमवार को सीमावर्ती लोग हीरानगर में एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर अपना विरोध जताएंगे। धरने को कामयाब बनाने के लिए बॉर्डर यूनियन ने करीब डेढ़ दर्जन सीमावर्ती गांवों में जाकर लोगों को लामबंद करने का प्रयास किया और अपील की कि धरने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। सीमावर्ती गांव छन्न लाल दीन से लौंडी तक यूनियन के सदस्यों ने करीब डेढ़ दर्जन गांवों में नुक्कड़ बैठकें कीं। इसमें बीडीसी चेयरमैन कर्ण कुमार मुख्य तौर पर शामिल रहे। यूनियन के अध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि नया भूमि कानून लागू होने से हमारी पहचान और बच्चों के भविष्य को खतरा हो गया है। इसलिए अब हमें संगठित होकर इसका विरोध करना पड़ेगा। इसके अलावा सरकार ने कस्टोडियन जमीनों पर वर्षों से रह रहे परिवारों से जमीन छीनने की तैयारी कर ली है। सरकार से अब अगर दो-दो हाथ नहीं किए तो लोगों को बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। बीडीसी चेयरमैन ने कहा कि लोगों के हक के लिए वह आखिरी दम तक लड़ाई करेंगे। जम्मू विरोधी, किसान विरोधी किसी भी नीति या कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठकों के दौरान यूनियन के सदस्य नानक चंद, अजीत वर्मा, रतनलाल, किसान संघ के नेता शिवदेव सिंह आदि शामिल रहे। संवाद