मांगों को लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते पीएचई डेलीवेजर। संवाद
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कठुआ। हफ्तेभर से कामछोड़ हड़ताल पर गए पीएचई डेलीवेजरों ने मंगलवार को कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर नारेबाजी कर जल्द मांगें पूरी करने की मांग दोहराई।
साठ महीने का बकाया वेतन न मिलने के विरोध में गत सात दिन से कामछोड़ हड़ताल कर रहे पेयजलापूर्ति विभाग के डेलीवेजरों ने कठुआ में पीएचई कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर रोष दर्ज करवाया। गुस्साए डेलीवेजरों ने विभाग व सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अंतर्ग लगभग 25 वर्षों से 1200 से अधिक अस्थायी कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। मगर उन्हें 60 माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण उनकी अर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। ऐसे में परिवार का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं ढाई दशकों से विभाग को सेवाएं दे रहे डेलीवेजर हफ्तेभर से हड़ताल पर हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम सरकार की ओर से नहीं उठाया गया है। उन्होंने डेलीवेजरों से बुधवार को जम्मू में पीएचई इंप्लाइज ज्वाइंट फ्रंट के बैनर तले होने वाली महारैली में शामिल होने का आह्वान किया। कहा कि महारैली के जरिये सरकार पर दवाब में सहयोग करें, ताकि मांगें पूरी हो सकें।
हड़ताल से पानी की आपूर्ति प्रभावित
जिले में हफ्तेभर से जारी पीएचई अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई प्रभावित है। हालांकि स्थायी व अन्य विभाग के कर्मचारियों की मदद से पानी की सप्लाई बहाल करवा कर लोगों की समस्या कुछ हद तक कम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह नाकाफी है। विशेषकर कंडी क्षेत्र के लोग प्राकृतिक जलस्रोतों व हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं। मौसम में हुए बदलाव के चलते तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में यदि डेलीवेजरों की हड़ताल जारी रहती है तो कंड़ी में पेयजल संकट गहरा जाएगा।