बार एसोसिएशन कठुआ के सदस्य प्रदर्शन करते हुए। अमर उजाला
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कठुआ। भूमि पंजीकरण के अधिकार वापस दिए जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे वकीलों की कामछोड़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को न्यायालय परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बार एसोसिएशन के सदस्य कोर्ट के कामकाज को ठप्प रखते हुए धरने पर रहे। वहीं कानूनी काम को लेकर आने वाले लोग भी दिनभर कोर्ट के चक्कर काटते रहे।
न्यायालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए बार एसोसिएशन के सदस्य धरने पर रहे। इस दौरान सरकार के भूमि पंजीकरण के अधिकार वापस न्यायालय अधिकारियों को दिए जाने की मांग को दोहराया। वकीलों ने कहा कि उनका धरना प्रदर्शन आदेश को वापस लिए जाने तक जारी रहेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजातशत्रु शर्मा ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि राज्य के तमाम वकील दो दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया है। ऐसे में वकीलों में आक्रोश बढ़ रहा है। जल्द आदेश को वापस लेने का अल्टीमेटम देते हुए वकीलों ने कहा कि ऐसा न होने पर उनका शांतिपूर्ण आंदोलन को उग्र करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री की होगी। बार के सदस्यों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह व उपराज्यपाल जीसी मुर्मू से मांगों पर विचार करने और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की मांग की। धरने में टीएन गुप्ता, दुष्यंत जंडियाल, सुशील गुप्ता व अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
उधर, न्यायालय का कामकाज ठप होने के कारण कानूनी कामों को लेकर कोर्ट में आने वाले लोग भी दिनभर कोर्ट के चक्कर काटते रहे। कोर्ट आए लोगों ने बताया कि वो कोर्ट में कानूनी दस्तावेज बनवाने आए थे लेकिन कोर्ट में कामकाज बंद होने के कारण उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा है। हड़ताल के जारी रहने से आगामी दिनों में भी उनका काम पूरा होने की आशंका बनी हुई है।