रोहित वेमुला की मौत के बाद पूरे देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में कठुआ में विभिन्न संगठनों ने मिलकर रविवार को मशाल रैली का आयोजन किया। रैली अंबेडकर चौक से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौक से होते हुए, अंबेडकर पुल से शहीदी चौक पर आकर समाप्त हुई।
रैली के दौरान सभी ने रोहित वेमुला और अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के संघर्ष के समर्थन में नारेबाजी की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। रैली को संबोधित करते हुए जन जागृति मंच के प्रधान संजय ने कहा कि रोहित की मौत से भाजपा की दलित विरोधी नीतियों का पता चलता है।
उन्हाेंने कहा कि पूरे देशभर में फासीवादी प्रवृत्तियां और दलित विरोधी नीतियां चल रही हैं। भाजपा कभी भी दलित उत्पीड़न और सांप्रदायिकता के खिलाफ नहीं बोलती है, क्योंकि इनकी विचारधारा में जन विरोधी बातें जुड़ चुकी हैं। अन्य पार्टियां भी इस मामले में महज खानापूर्ति ही करती हैं।
उन्होंने मांग की कि एचआरडी मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए और सांप्रदायिक संगठनों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इस दौरान आल इंडिया एससी, एसटी को-आर्डिनेशन कमेटी के राज्य समन्वयक रोशन चौधरी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पीएचडी स्कालर रोहित वेमुला की मौत शक के दायरे में है।
रोहित की मौत के कारण देश ने आम लोगों के लिए लड़ने वाला एक रिसर्चर और योद्धा खोया है। एक तार्किक लेखक खोया है। उन्होंने मांग को रखते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी, एमपी दत्तात्रेय नायडू को बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।