स्कालर रोहित वेमुला की मौत के बाद अब विभिन्न राजनीतियों पार्टियों के साथ उनके यूथ दल भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
सोमवार को यूथ कांग्रेस ने मुखर्जी चौक पर मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि रोहित की मौत भाजपा की दलित विरोधी नीतियों का नतीजा है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व का रहे आल इंडिया यूथ कांग्रेस के महासचिव उमा शंकर पांडेय ने कहा कि रोहित के मौत के कारण जो भी हैं, उसे सरकार कभी उजागर नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि रोहित दलित वर्ग से संबंधित था और दलित छात्रों के लिए संघर्ष भी करता था, लेकिन सरकार ने उसे कई बार प्रताड़ित किया। इससे मजबूर होकर उसने आत्महत्या की।
उन्होंने कहा कि रोहित को इंसाफ दिलाने के लिए जो पांच विद्यार्थी अनशन पर बैठे हैं, उन्हें भी प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे साफ है कि सरकार दलित विरोधी है।
इस मौके पर राज्य अध्यक्ष प्रणव शगोत्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने नारा तो सबका साथ सबका विकास का दिया था, लेकिन एक साल बीतने के बाद ही सरकार के नारे की हवा निकल चुकी है।
विभिन्न राज्यों में मोदी लहर का जादू समाप्त होते ही अब सरकार ने दलितों को दबाना शुरू कर दिया है। इस मौके पर लोक सभा महासचिव परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि राज्य में भाजपा ने 25 विधानसभा सीटों पर विजय प्राप्त की, लेकिन अब सरकार बनाने के लिए पीडीपी के आगे नतमस्तक हो चुकी है।
सरकार अपने हर वादे को भूलकर जन विरोधी नीतियां अपना रही है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि रोहित की मौत के बाद मानव संसाधन मंत्री को अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।