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‘राशन कटौती से कैसे आएंगे अच्छे दिन’

Thu, 10 Mar 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कठुआ
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ध्‍ारना - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया जा रहा, सरकारी राशन ऊंट के मुंह में जीरा साबित होने लगा है। नई योजना की दुविधाओं पर आखिर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने राजनीति से ऊपर उठकर इस फैसले का विरोध किया। सुबह आठ बजे से शहर के जराई चौक के नजदीक मार्ग जाम कर बैठे लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों में भाजपा महिला मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ, कांग्रेसी नेता और आम लोग भी शामिल रहे।
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लगभग ढाई घंटे तक सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगाें ने जिला उपायुक्त को मांग का ज्ञापन भी सौंपा। सड़क पर उतरे लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने हर वर्ग को राशन मुहैया करवाने के वायदे तो किए, लेकिन इन सबमें आम आदमी को एक बार फिर महंगाई की चक्की में पीसा जा रहा है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नरेश शर्मा ने कहा कि राज्यपाल केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। आम लोगों के राशन में सेंधमारी की जा रही है। पहले जहां प्रति परिवार 35 किलो राशन मिलता था अब दो किलो चावल और तीन किलो आटा से प्रति व्यक्ति महीना भर कैसे गुजारा करेगा।
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उन्होंने कहा कि हद तो इस बात की है कि पिछले तीन महीने से जिलाभर में चीनी सप्लाई नहीं की गई और राशन में भी भारी कटौती की जा रही है।   उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जेएनयू स्टूडेंट कन्हैया कुमार ने सही कहा कि आजादी चाहिए लेकिन भ्रष्टाचार, भूखमरी और गरीबी से। नरेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को अच्छे दिन का वादा किया था लेकिन राशन कटौती से गरीब के अच्छे दिन कैसे आ सकते हैं।

भाजपा महिला मोर्चा की वार्ड से शहरी अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों को उनके हक का राशन नहीं मिल रहा है। जिला उपायुक्त से मिलने पर भी कोई कार्रवाई नही हुई। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया है कि कम स्केल पर दिए जा रहे राशन को कोई भी उपभोक्ता न ले। प्रशासन से मांग करते हुए उन्होंने पुराने सिस्टम से ही राशन मुहैया करवाने की मांग की है। सीएपीडी अधिकारियों की लोगों ने एक न सुनी।
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