हीरानगर। नायब तहसीलदार के पद के लिए उर्दू भाषा को अनिवार्य रखने के खिलाफ मंगलवार को सीमावर्ती पंचायत हरिपुर में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला जलाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल भाजपा के मंडल अध्यक्ष रवि शर्मा ने कहा प्रदेश की उमर अब्दुल्ला सरकार जानबूझकर उर्दू भाषा को अनिवार्य बनाकर जम्मू संभाग के युवाओं के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में हिंदी,अंग्रेजी,डोगरी, कश्मीरी और उर्दू इन पांच भाषाओं को आधिकारिक भाषा घोषित किया गया है लेकिन इसके बावजूद उमर सरकार ने जानबूझकर नायब तहसीलदार के पदों के लिए खास तौर पर उर्दू को अनिवार्य बना दिया है। उन्होंने कहा सरकार अच्छी तरह से जानती है कि जम्मू संभाग के युवा उर्दू नहीं पढ़ते हैं और कश्मीर संभाग में इसकी अधिक पकड़ है। इसलिए उमर सरकार ने जानबूझकर जम्मू संभाग के युवाओं को इस परीक्षा से बाहर रखना के लिए यह तरीका अपनाया है। सरकार के इस भेदभाव को हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार का यही अडिग रवैया रहा तो आने वाले समय में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे।
प्रदर्शन में गगन सिंह, पवन कुमार, राजकुमार, प्रवीण कुमार आदि भी शामिल रहे।