गरमी बढ़ने के साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहराने लगा है। शहर के वार्ड दो और पांच में बीते दो दिनों से गुल बिजली बहाल न होने को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए। वार्ड पांच के निवासियों ने जहां सुबह कॉलेज मार्ग ठप कर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं शाम के समय वार्ड नंबर दो के लोगों का धैर्य भी जबाव दे गया। लोगों ने घंटों कॉलेज मार्ग को ठप रखते हुए फौरी तौर पर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की।
वहीं, विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद यातायात बहाल किया गया। शनिवार सुबह दस बजे के लगभग शहर के वार्ड दो के लोगों ने पुराने सुपर बाजार के नजदीक कॉलेज मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। स्थानीय निवासी सुदेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इलाके में शुक्रवार से बिजली गुल है।
तीन दिन पहले सुबह चार से शाम चार बजे तक बिजली गुल हुई। शनिवार सुबह से गुल हुई बिजली भी बहाल नहीं हो पाई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीडी कर्मचारी भी सहयोग नहीं कर रहे। क्षेत्र के लोगों के लिए दो ट्रांसफार्मर लगाने के बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई है।
अधिकारियों को कई बार बताया गया है कि ओवरलोड के चलते कई कई घंटे बिजली गुल रहती है, बावजूद इसके कोई कदम नहीं उठाए गए। देविंद्र सिंह ने कहा कि विभाग को ट्रांसफार्मर के लिए भूमि उपलब्ध करवाई, लेकिन बावजूूद इसके न तो सुचारु बिजली मिल पा रही है और न ही उनकी समस्याओं का हल हो पा रहा है।
देर रात तक वार्ड नंबर दो के लोग कालेज मार्ग पर डटे रहे थे। वार्ड छह, पांच और दो का लोड दो ट्रांसफार्मर पर हैं। स्थानीय होने के बावजूद कर्मचारी लोगों की समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाते। देर शाम कॉलेज मार्ग पर उतरे वार्ड दो के स्थानीय निवासियों में शामिल राकेश कुमार ने कहा कि तीन दिन से बिजली बंद है।
पूरी रात बिना बिजली लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। अधिकारी न ही लोगों की समस्या सुनते हैं और न ही उन्हें हल करने का प्रयास कर रहे हैं। बच्चों और बड़ों का बिना बिजली केजीना मुहाल हो गया है। प्रदर्शनकारियों में बोध राज, रमेश चंद, अशोक, विनोद शामिल रहे।