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युवक के साथ मारपीट मामले में फूटा गुस्सा

Sat, 20 Feb 2016 01:28 AM IST
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
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पंचमी के दिन युवक को कथित तौर पर पीटने के मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर शुक्रवार को गरनैडी के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ हाईवे जाम कर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को करीब पांच घंटों तक जाम रखा और टायर जलाकर नारेबाजी भी की।
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थाना प्रभारी के साथ एसडीएम हीरानगर के समझाने पर भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह अपनी मांग कि पुलिस कर्मचारी और सरपंच को हिरासत में लेकर कार्रवाई की जाए पर अड़े रहे। करीब पांच घंटे के जाम के चलते पुलिस ने देर शाम सरपंच सहित चार लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।

एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। एएसपी नासिर अहमद खान के लोगों को आकर शांत करवाया और जाम खुलवाया। जिन चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें से एक को हिरासत में ले लिया गया है, अन्य तीन अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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राजबाग थाना प्रभारी ने बताया कि सरपंच भारत भूषण, सुभाष चंद्र, लेखराज और नैंटी के खिलाफ युवक के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। इसमें नैंटी के पिता सुभाष चंद्र को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं सरपंच के साथ अन्य दो पकड़े नहीं गए हैं।

घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ शिफ्ट किया गया है। घायल युवक गणेश शर्मा की चाची मीनू और भाभी संतोष कुमारी ने बताया कि 12 फरवरी को गणेश शाम को घर पर आ रहा था तो हमीरपुर के सरपंच व एक राजबाग थाने के पुलिस कर्मचारी ने उसे पीटा। उन्होंने कहा कि उसके बाद पुलिस थाने में जाकर बात की गई तो आश्वासन ही मिला।

आठ दिन बीत जाने के बाद भी जब सरपंच और पुलिस कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लोग सड़क पर उतरने को मजबूर हुए। उन्होंने बताया कि उसकी इतनी बुरी तरह पिटाई की गई थी कि उसे जीएमसी जम्मू में इलाज के लिए ले जाना पड़ा, जहां से उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों में शामिल बोधराज ने बताया कि सरपंच ने अपने समर्थकों को भेजकर मामला रफा दफा करने का भी प्रयास किया, लेकिन जब इस बारे में पुलिस को बताया गया तो भी कोई कार्रवाई नहीं गई। प्रदर्शनकारियों में शामिल मदनलाल, सोमदत्त, राजिंद्र शर्मा ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में पूरी तरह से बर्बरता दिखाई है।

सरपंच ने भी अपने पद का गलत इस्तेमाल किया है। पुलिस सरपंच को बचाने का प्रयास कर रही थी, जिसके चलते लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा। दोपहर सवा 12 बजे के करीब बंद हुआ हाईवे देर शाम तक बंद रहा। डीएसपी प्रिथपाल सिंह भी लोगों को समझाने पहुंचे थे, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

लोगों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा। देर शाम मामला दर्ज होने के बाद लोगों ने जाम खोला। लोगों के रोष के चलते हमीरपुर मोड़ के पास जाम लग गया। दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही करीब पांच घंटे तक ठप रही। जिससे यात्रियों और आम लोगों को दरबदर होना पड़ा।

अपने गांत्वय की ओर जा रहे लोगों को जब पता चला कि जाम खुलने की कोई संभावना नहीं है तो वह वाहनों से उतरकर स्वंय पैदल ही अपने गांत्वय की ओर चल दिए। वहीं करीब पांच घंटों के बाद ट्रैफिक डाइवर्ट की गई और राजबाग से बाइपास रोड के रास्ते वाहनों को सीधे चड़वाल में भेजा गया, जिसके बाद चार किलोमीटर लंबा जाम धीरे-धीरे कम हुआ।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई।  प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मी गोपालदास निवासी अमाला के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया, जहां से कुछ देर बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।
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