कोर्ट के आदेश के बाद राजमार्ग से हटी शराब की दुकानों की हो रही शिफ्टिंग का विरोध भी तेज हो गया है। राज्य के प्रवेशद्वार में शराब की दुकान को जगतपुर मार्ग पर शिफ्ट किए जाने के विरोध में ग्रामीण हाईवे पर उतर आए।
ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे तक जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी भड़ास निकाली। हालांकि राजमार्ग पर प्रदर्शन की सूचना पर थाना प्रभारी रितेश संब्याल भी मौके पर पहुंच गए थे।
लेकिन लोगों ने उनकी एक न सुनी और मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जिसके चलते राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों में सरपंच रूप सिंह, नायब सरपंच शिव राम, माह पाटी के सरपंच अंग्रेज चंद, नायब सरपंच डाक चंद आदि ने कहा कि हाइवे से शराब की दुकान को शिफ्ट कर जगतपुर मार्ग पर खोला जा रहा है।
यह मार्ग करीब बीस गांवों को जाता है। ऐसे में आने जाने वालों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शराब की दुकान कहीं और शिफ्ट करने की मांग वह कई बार अधिकारियों से कर चुके हैं।
जिला उपायुक्त के संज्ञान में मामला लाया गया था लेकिन इस दिशा में कोई उचित प्रयास नहीं किए गए जिसके चलते वह मजबूर होकर सड़कों पर उतर आए हैं।
वहीं, करीब एक घंटे बाद हाईवे बंद होने की सूचना पर तहसीलदार कठुआ अवतार सिंह मौके पर पहुंचे जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने का प्रयास कि या लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
जिसके बाद डीएसपी डीआर कुलजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया। जिसके बाद तहसीलदार की देखरेख में शराब की दुकान पर ताला लगवाकर उसे बंद करवाया।
हालांकि इस कार्रवाई से लोग खुश नहीं थे। लोग शराब का स्टाक शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे, जिस पर पुलिस ने उन्हें आश्वस्त किया कि लोगों की मर्जी के बिना शराब की दुकान को नहीं खुलने दिया जाएगा। जिसके बाद ही लोग हाईवे से हट गए।