महात्मा गांधी की जयंती पर वीरवार को बनी ब्लॉक की पंचायतों में विशेष ग्राम सभा की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक योजना पर चर्चा की गई। इसमें गत्ती पंचायत में सर्वाधिक 50 से अधिक विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए गए। बैठक में जीआरएस, पंचायत सचिव के अलावा ग्राम सभा के पूर्व सदस्य, पूर्व सरपंच और ग्रामीण शामिल हुए।
बता दें कि पंचायतों के भंग होने की स्थिति में ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्यों, पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने गांव की वार्षिक विकास योजना (2026-27) पर विमर्श किया। इसके बाद आम सहमति से तैयार वार्षिक प्रस्ताव ग्राम रोजगार सेवक (जीआरएस) और ग्राम पंचायत सचिव को सौंपे गए। ये प्रस्ताव ब्लॉक को भेजे जाएंगे। शासन से जिले को मिलने वाले वार्षिक फंड से संबंधित गांवों के प्रस्ताव के अनुसार विकास कार्यों के लिए धन जारी किए जाएंगे।
पंचायत घर गत्ती में वार्षिक ग्राम पंचायत विकास योजना (2026-27) के तहत 50 से अधिक विकास कार्यों के प्रस्ताव आए। इन कार्यों की लागत का अनुमान लगभग एक करोड़ रुपये जताया गया है। प्रस्तावित योजनाओं में भूमि विकास, आधारभूत ढांचे का निर्माण और रोजगारपरक कार्य शामिल रहे। पूर्व सरपंच सुशील कुमार ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से मनरेगा के कार्यों में तेजी आएगी और इलाके में विकास की नई राह खुलेगी।
इसी क्रम में पंचायत आसो, भंडार, भरमोता, रौलका और अन्य गांवों में भी विशेष ग्राम सभा का आयोजन हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत के विकास योजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीणों ने अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विभिन्न प्रस्ताव रखे ताकि आगामी वर्ष में पंचायतों के स्तर पर अधिक से अधिक विकास कार्य कराए जा सकें। विशेष ग्राम सभा की बैठक में जीआरएस प्रवीण कुमार, पंचायत सचिव आकाश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शुक्रवार को दौल्का, फतेहपुर, कांथल और अन्य पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित होंगी।
नगरोटा गुजरू की 17 पंचायतों में बैठक में तैयार की गई प्रस्तावों की सूची
रामकोट। ब्लॉक नगरोटा गुजरू की 17 पंचायतों में वीरवार को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इसमें रामकोट, अमुआला, मकवाल, गलक, कंधारनू, लाखड़ी, सलोड आदि में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्राम सचिवों और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों की राय से विकास कार्यों की सूची तैयार की। इन विकास कार्यों में सुरक्षा दीवार, पशु शेड, कच्ची सड़कों के साथ गलियों के निर्माण और पानी की बावलियों के कार्यों को प्राथमिकता दी गई। इसमें ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ स्थानीय पंचायत निवासी मौजूद रहे जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों की जरूरत के अनुसार जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की सूची तैयार कर उन्हें प्राथमिकता से शुरू करने का प्रयास करना रहेगा।