कठुआ। हेड रेस टनल के क्षतिग्रस्त होने से बंद हुई एनएचपीसी की सेवा दो परियोजना अब 31 मार्च 2021 तक के लिए बंद कर दी गई है। इस बीच परियोजना की हेड रेस टनल की मरम्मत के साथ ही अन्य वार्षिक रखरखाव के कामों को भी अंजाम दिया जाएगा। उधर, 120 मेगावाट की सेवा परियोजना के ठप होने से कई राज्यों में बिजली संकट गहराने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर को भी 23 मेगावाट बिजली उत्पादन की कमी का मार्च तक सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक नुकसान कठुआ जिले को झेलना पड़ेगा, जहां इन सर्दियों में बिजली संकट और गहराने की आशंका है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेवा परियोजना के ठप होने के बाद जतवाल ग्रिड की जगह हीरानगर ग्रिड को सरना ग्रिड से जोड़ दिया गया है। ऐसे में वोल्टेज में कमी की समस्या आ रही है जो सर्दियां बढ़ने के साथ और गहरा सकती है।
25 सितंबर को भूस्खलन से हुआ नुकसान
25 सितंबर की देर शाम भूस्खलन के चलते सेवा परियोजना की हेड रेस टनल में से पानी का भारी बहाव सेवा नदी की तरफ हो गया था। टनल के एडिट-दो में तैनात एनएचपीसी कार्मिक एवं स्थानीय निवासियों की सूचना पर अधिकारियों की एक टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभावित स्थल के आसपास के निवासियों को भी नुकसान वाली जगह से दूर रहने को कहा गया है। 26 सितंबर को परियोजना के महाप्रबंधक बेदी राम ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया और पाया कि एडिट-दो से बांध परिसर की तरफ 300 से 400 मीटर तक के स्थान के पास सेवा-दो पावर स्टेशन की हेड रेस टनल का बड़ा हिस्सा बह चुका है। यह मामला एनएचपीसी में संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया और मुख्यालय से इंजीनियरिंग भूविज्ञान, डिजाइन व इंजीनियरिंग, संचालन एवं रखरखाव और परियोजना जांच प्रभागों के विशेषज्ञों की एक टीम घटना के अगले दिन मौके पर पहुंची, जिसके बाद से आकलन जारी है। एनएचपीसी के अधिकारियों ने बताया कि एचआरटी का लगभग 100 मीटर का हिस्सा बह चुका है और इसके परिणामस्वरूप, पावर स्टेशन को बंद करना पड़ेगा।
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इस परियोजना से किस प्रदेश को कितनी मिलती है बिजली
प्रदेश/राज्य बिजली शेयर (मेगावाट में)
हरियाणा 7
जम्मू कश्मीर 23
पंजाब 10
राजस्थान 13
उत्तर प्रदेश 27
उत्तराखंड 5
चंडीगढ़ 1
दिल्ली 16
अन एलोकेटिड 18
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कुल 120
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2015 में ग्यारह दिन
ठप रही थी परियोजना
सेवा-2 विद्युत परियोजना तकनीकी खराबी के चलते दिसंबर 2015 में भी ग्यारह दिन तक ठप रही थी। इस दौरान बिजली उत्पादन नहीं हुआ था।