-नए लाइसेंस बने रहे लेकिन प्रिंटेड लाइसेंस के लिए लंबा इंतजार
-जनवरी महीने से जिले में साढ़े तीन हजार लाइसेंसों की प्रिंटिंग लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। प्रदेश भर में परिवहन विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लगभग एक साल से लाइसेंस छापने की प्रिंटिंग सामग्री उपलब्ध न होने के चलते हजारों लोग प्रिंटेड लाइसेंस नहीं ले पा रहे हैं। सिर्फ जिला कठुआ में बीते जनवरी महीने से 3479 उपभोक्ताओं को प्रिंटेड लाइसेंस की सुविधा नहीं मिल पा रही।
इनमें से 1470 के करीब 18 साल की आयु के युवक और युवतियां हैं, जो पहली बार मोटर परिवहन विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस ले रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रदेश भर में लाइसेंस छापने के लिए सरकार ने जिस कंपनी को ठेका दिया हुआ था उसका कार्यकाल बीते जुलाई में खत्म हुआ है। लेकिन गत जनवरी महीने से ही ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग करना बंद कर गई थी। जिसके चलते हर महीने लाइसेंसों का बकाया बढ़ता गया और आज स्थिति यह हो गई है कि सिर्फ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कठुआ में चार हजार के करीब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस मिला अभी बाकी है।
पूछने पर विभाग के अधिकारियों को खुद भी नहीं पता होता है कि ट्रायल पास लोगों को लाइसेंस की प्रिंटेड कॉपी कब और कैसे मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते अगस्त महीने से मोटर परिवहन विभाग की ओर से अब तक तीन बार ड्राइविंग लाइसेंस की केंद्रीकृत छपाई की आउटसोर्सिंग के लिए तीन बार बोली लगाई गई है। लेकिन अभी तक कोई भी कंपनी इसके लिए सामने नहीं आई है।
सबसे ज्यादा परेशान वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस पर अपनी तस्वीर को बदलने के लिए अर्जी दी हुई है। जबकि ट्रक, बस और लंबे रूट की गाड़ियों को चलाने वाले चालक भी परेशान हो रहे हैं। क्योंकि ज्यादातर लोगों की प्रीपेड सिम लखनपुर के आगे काम नहीं करती है और ज्यादा पढ़े-लिखे न होने के चलते ऑनलाइन डीजी लॉकर से ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध नहीं कर सकते हैं।
लोग बोले, जनवरी से लाइसेंस नहीं मिल रहालोगों को कहना है कि विभाग सिर्फ लाइसेंस बनाने के लिए लोगों से पैसा इकट्ठा करने में लगा हुआ है। गियर वाली मोटरसाइकिल और हल्का मोटर वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए संबंधित विभाग 11 सौ रुपये की राशि लेता है। और अगर ट्रायल में असफलता मिलती है, तो 350 रुपये फिर ट्रायल देने के लिए देने पड़ते है और यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक ट्रायल पास नहीं हो जाता। कहने को तो ट्रायल पास करने के बाद लाइसेंस घर में आता है। लेकिन पिछले जनवरी से उन्हें कोई लाइसेंस नहीं मिल रहा है।
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लाइसेंस की प्रिंटिंग के लिए निविदा प्रक्रिया करवाई जा रही है। उम्मीद है कि अगले बीस दिनों यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही लंबित पड़े लाइसेंसों को प्रिंट करने का काम भी शुरू हो जाएगा।
- भवानी रकवाल, परिवहन आयुक्त, जम्मू