पल्स पोलियो अभियान के तहत दूसरे फेज में रविवार को जिलाभर में पांच साल तक के बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई। जिलाभर में दूसरे फेज के लिए पांच ट्रांजिट टीमों का गठन किया गया था। जिला में पांच ब्लाकों में इस बार कुल 81 प्रतिशत बच्चों को कवर किया जा सका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बसंत कुमार शर्मा ने बताया कि पूरे जिले में इस बार 93,213 बच्चों का लक्ष्य तय किया गया था। जिलाभर के सभी बूथों पर सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अभियान चलाया गया।
रविवार को 75,082 बच्चों को बूंदें पिलाई गईं। ब्लाक वार आंकड़ों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि परोल ब्लाक में 73.9 प्रतिशत बच्चे कवर हो पाए। हीरानगर में 84.6 प्रतिशत बच्चों ने दो बूंद जिंदगी की पी, बिलावर में यह आंकड़ा 83.9 प्रतिशत रहा। पहाड़ी ब्लाक बसोहली में आंकड़ा 81.1 प्रतिशत को बनी में सबसे अधिक 86.6 प्रतिशत बच्चों ने पल्स पोलियो की दवा पी।
उन्होंने बताया कि पिछले फेज में पूरे जिला का आंकड़ा 75 प्रतिशत रहा था। इस फेज में आंकड़े में छह प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिला भर में पांच साल तक के बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने के लक्ष्य में इजाफे से साफ है कि स्वास्थ्य विभाग नो पोलियो केस की दौड़ में अभी भी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में अभी तक जिला में कोई भी पोलियो का मामला सामने नहीं आया है।