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Kathua News: अपनों को याद कर छलकीं बलिदानियों के परिवारों की आंखें

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स्मृति दिवसः बलिदान हुए जवानों के परिवार के सदस्यों को जिला पुलिस ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों का आहुति देने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए सोमवार को जिला पुलिस लाइन में स्मरण दिवस मनाया गया।
एसएसपी शोभित सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीडीसी अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल महान सिंह, उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह बबलू के साथ पुलिस के आला अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने बलिदानी पुलिस कर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। एसएसपी ने सबसे पहले इस वर्ष बलिदान हुए पुलिसकर्मियों के नाम पढ़े। इसके बाद श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में शामिल बलिदानी जवानों के परिवारों के सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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अपने संबोधन में एसएसपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के साथ-साथ कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से किया है। अपनी पुलिस सेवा के दौरान जवान हर मुश्किल का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इस वर्ष भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए पूरे देश में सैकड़ों जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, ताकि देश की अखंडता को आंच न आए।
वहीं, इस मौके पर डीसी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवान सदैव आदरणीय हैं। उनकी याद में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना हमारी नई पीढ़ी के लिए है प्रेरणा का स्रोत बनेगा। वहीं समारोह में पुलिस अधिकारी, पुलिस शहीदों के परिवार, प्रमुख नागरिक भी उपस्थित रहे।
महिला पुलिस कर्मियों ने ढांढस बंधाया


कार्यक्रम के दौरान जैसे ही बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए गौरवशाली धुन बजाई गई उनके परिवार के सदस्यों की आखें भर आईं। श्रद्धांजलि समारोह में देशभक्ति के गीतों को सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बलिदानियों के परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल था। इस दौरान गमगीन हुई महिलाओं को महिला पुलिस कर्मचारियों ने ढांढस बंधाया। वहीं, एसएसपी और डीसी ने भी इन परिवारों को हिम्मत बंधाई।
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इसलिए मनाया जाता है स्मृति दिवस



जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में जमा देने वाली ठंड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टुकड़ी तैनात थी। 21 अक्तूबर को 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात सीआरपीएफ के दल पर चीनी सेना ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 10 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। सीआरपीएफ के इन बहादुरों के असाधारण कार्य को याद करने के लिए 21 अक्तूबर को देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
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