बिलावर। वरुण, योगेश और दर्शन की रहस्यमयी मौत से पर्दा उठाने के लिए एनआईए या सीबीआई जांच को लेकर बिलावर में आहूत चक्का जाम को पुलिस ने विफल कर दिया। उधर प्रदर्शनकारियों ने नाज पुल और इसके बाद फिंतर चौक पर प्रदर्शन उपराज्यपाल प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी।
न्याय के लिए पिछले चार दिनों से अनशन पर बैठे स्वजनों के समर्थन में लोगों ने वीरवार को पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अनशन स्थल से लोगों ने मार्च निकालकर नाज पुल को जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने चक्का जाम के प्रयास को विफल कर दिया। लगभग 1 घंटे तक नाज पुल पर प्रदर्शन करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिंतर चौक की तरफ रुख किया और चौक पर जाकर विरोध प्रदर्शन कर सरकार से मृतिको के स्वजनों को न्याय देने की मांग की। ध्यौता निवासी वरुण सिंह, उनके चाचा दर्शन सिंह और मडून निवासी योगेश सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में 9 महीने पहले इच्छू मे मौत हो गई थी और इतना समय बीत जाने के बाद भी जब तीनों की मौत के कारण का कोई पता नहीं चला जिसके बाद पिछले चार दिनों से परिजन बिलकेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने फिंतर चौक पर लगभग आधा घंटा प्रदर्शन किया और उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की चौक पर प्रदर्शन करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर पहुंचे। भूख हड़ताल पर बैठे चमेल सिंह ,अक्षय और बलकार सिंह ने कहा के जब तक सरकार मामले की जांच एनआईए द्वारा नहीं करवाती तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। भूख हड़ताल पर बैठे परिजनों के समर्थन में क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी के अगर जल्द मामले की जांच एनआईए द्वारा नहीं करवाई गई तो आने वाले दिनों में लोग उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
अनशन स्थल पर पहुंचे अफसरों से परिजन की दो टूक, एनआईए जांच का आश्वासन मिले बिना अनशन जारी रहेगा
वीरवार दोपहर 1:00 बजे सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर नीरज पडियार अनशन स्थल पर पहुंचे और स्वजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। अनशन पर बैठे स्वजनों ने अधिकारी से दो टूक कहा कि जब तक मामले की जांच एनआईए द्वारा नहीं करवाई जाती तब तक अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा। उधर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और अलग-अलग इलाकों से लोग स्वजनों को इंसाफ दिलाने के लिए धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। किशनपुर निवासी अनिल सपोलिया, बिलावर निवासी मुकेश खजूरिया ने कहा के नौ महीने पहले इलाके के तीन लोगों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में होती है और इतना समय बीतने के बाद भी तीनों की मौत के कारण का कोई पता नहीं चला जिसकी वजह से लोगों को पुलिस की कार्य प्रणाली पर रोष है।