एक तरफ प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे, वहीं दल-बल के साथ पुलिस प्रशासन भीड़ से निपटने की तैयारी कर चुका था, लेकिन देखते ही देखते भीड़ का गुस्सा बढ़ गया और प्रदर्शनकारी बेकाबू हो गए।
रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी। मामला यहीं नहीं रुका, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
इस पर पुलिस कर्मचारियों ने फिर कार्रवाई की और अपना बचाव करते हुए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे आननफानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दरअसल, यह सब पुलिस के प्रशिक्षण के लिए किया गया। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में मंगलवार को पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित क्राउड कंट्रोल डिमांस्ट्रेशन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच यह सब लंबे समय तक हुआ।
डिमांस्ट्रेशन के दौरान पुलिस कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों में भीड़ को हटाने और खुद को बचाने के साथ-साथ ला एंड आर्डर व्यवस्था बनाए रखने का अभ्यास करवाया गया।
डीएसपी कुलजीत सिंह की देखरेख में हुई इस कार्रवाई में पुलिस, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी, आर्म्ड पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया।
पूरी प्रक्रिया के दौरान जवानों को भीड़ को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए उन्हें हटाने का अभ्यास कराया गया।
पत्थरबाजी के दौरान स्वयं को किस प्रकार बचाना है और कार्रवाई में घायलों को इलाज के लिए किस प्रकार ले जाना है, इसका भी अभ्यास कराया गया। डीएसपी ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अभ्यास का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं जिसमें पुलिस को संयम और धैर्य के साथ भीड़ को हटाने और खुद को बचाना भी पड़ता है। अगर पुलिस कर्मचारी ट्रेंड नहीं होंगे तो स्थितियां भिन्न हो सकती हैं।
इसलिए जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस कर्मचारियों के लिए यह अभ्यास करवाया जाएगा। इसकी शुरुआत कठुआ से की गई है। इसके बाद हीरानगर और अन्य तहसीलों में भी आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधिकारी मौजूद थे।