- 16 हजार 500 आवेदकों में 14 हजार 354 ने परीक्षा में लिया हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती के लिए जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड की ओर से आयोजित लिखित परीक्षा संपन्न हो गई। जिले में बनाए गए 38 परीक्षा केंद्रों में 87 फीसदी आवेदकों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
रविवार को आयोजित इस परीक्षा को लेकर आवेदकों में काफी उत्साह देख गया जिसके चलते 12 बजे शुरू होने वाली परीक्षा से दो घंटे पूर्व ही परीक्षा केंद्रों पर आवेदकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। भर्ती परीक्षा के नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला उपायुक्त रंजीत सिंह ने बताया कि जिले भर में सभी केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण रही। कुल 16 हजार 500 आवेदकों में से 14 हजार 354 ने परीक्षा में हिस्सा लिया जो लगभग 87 प्रतिशत बनता है।
जिला प्रशासन ने सेवा चयन बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलाकर परीक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों में प्रवेश लेने के लिए आवेदक लंबी कतारों में न लगे इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही बेहतर व्यवस्था बनाई थी। जिला उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास सहित अतिरिक्त जिला उपायुक्त रंजीत सिंह और एसडीएम हीरानगर ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसमें महिला टीम भी शामिल रही।
कोई मुश्किल नहीं आई, व्यापक इंतजाम थे
परीक्षा पूरे पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है। सभी केंद्रों में परीक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा से पहले केंद्र में जाने के लिए आवेदकों कोई मुश्किल नहीं आई है। सभी ने समय पर केंद्रों में प्रवेश पा लिया था।
अजय सिंह, निवासी बिलावर।
पेपर पाठ्यक्रम के अनुसार ही तैयार किया गया था
कांस्टेबल परीक्षा के अनुसार परीक्षा पेपर ठीक-ठीक था। पेपर न तो ज्यादा मुश्किल था और न ही बिल्कुल आसान था। परीक्षा पेपर पाठ्यक्रम के अनुसार ही तैयार किया गया था। उम्मीद है कि पूर्व में हुए सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा जैसी कोई धांधली न हो। जिस पारदर्शिता से परीक्षा हुई है, परिणाम भी उसी उम्मीद से सामने आने चाहिए।
- मुकेश शर्मा, निवासी छन्नी।
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व्यवस्थित तरीके से पूरी करवाई गई
परीक्षा
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड की ओर से कांस्टेबल की परीक्षा बड़े ही व्यवस्थित तरीके से पूरी करवाई गई। परीक्षा से पहले मन में शंका थी पूर्व में हुई परीक्षाओं जैसी केंद्रों पर कोई धांधली न हो लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। धांधली को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम कर रखे थे। जो काबिले तारीफ थे।
-जोहन लाल, निवासी टांडा चड़वाल।