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Kathua News: जलभराव और जाम की समस्या से जूझ रहा है वार्ड नंबर दो

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शहर के कोर्ट रोड पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
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हमारे वार्ड का लोगो लगाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। करीब एक लाख की आबादी वाले कठुआ शहर के हर वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। वार्ड नंबर दो की बात करें तो कोर्ट रोड व नगरी बस अड्डे से सटे मोहल्ले में समस्याओं का अंबार है। कोर्ट रोड पर लगने वाला जाम जहां आम समस्या है। वहीं, पानी निकासी की सुविधा का अभाव व कच्ची गलियां लोगों के लिए परेशानी बन रही हैं।
दरअसल शहीदी चौक से शहर की प्राचीन बावलियों तक फैले इस वार्ड में एक ओर शहर का प्रमुख कॉलेज रोड है, वहीं दूसरी छोर पुलिस लाइन रोड है। जहां नियमित सफाई, स्ट्रीट लाइट जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध है। वार्ड के शहीदी चौक से लेकर कोर्ट रोड तक के क्षेत्र में ही अधिकांश आबादी रहती है। वार्ड के इसी हिस्से में जिला न्यायालय परिसर, जिला जेल भी स्थित है।
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लेकिन वार्ड के निचले हिस्से में स्थित कोर्ट रोड पर जाम, हर बारिश के बाद होने वाला जलभराव आम है। वहीं, नए विकसित हो रहे नगरी बस अड्डा से सटे मोहल्ले में पक्की गली और पानी की निकासी का प्रबंध सपना बना हुआ है। जिससे यहां रहने वाले परिवार पिछले दस-दस साल से जूझ रहे हैं।

आज तक नहीं हुआ समाधान

वार्ड दो में पड़ने वाले कोर्ट रोड पर पिछले 60 सालों से इसी तरह से जाम लगा लगता चला आ रहा है। जिसका आज तक कोई समाधान नहीं किया गया। शहर के मुख्य बाजार से चंद कदम दूर स्थित इस सड़क पर लगने वाले जाम के कारण यहां आज तक व्यापार उस तरह से फल फूल नहीं पाया। जिसकी अपेक्षा से लोगों ने यहां अपनी दुकानें खोली हैं।
रशपाल सिंह, दुकानदार



पर्याप्त सुविधाएं नहीं
बेहतर जीवन की अपेक्षा से अगर लोग खुले स्थान में मकान बना रहे हैं, जिसमें वह अपने पूरे जीवन की कमाई लग रहे हैं। तो प्रशासन को भी वहां पर सुविधाओं को बेहतर करना चाहिए। जो कि वार्ड दो के अंतर्गत आने वाले नगरी अड्डे से सटे मोहल्ले में नहीं है।
संजीव कुमार, स्थानीय

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जलभराव बाजार विकसित होने में बाधा

वार्ड दो के निचले इलाके में जिस तरह की स्थिति है वह किसी से छिपी नहीं है। कोर्ट रोड पर जाम लगना रोज की बात हो गई है। जिसका पक्का समाधान आज तक नहीं किया गया है। वहीं हल्की सी बारिश के बाद होने वाला जलभराव इस इलाके में बाजार के विकसित होने में बड़ी बाधा है।

हरदेव सिंह, दुकानदार


घरों को पक्का रास्ता नहीं मिल पाया

दो अलग-अलग लेन में बसने वाले नगरी अड्डे से सटे मोहल्ले में 100 के करीब घर हैं, लेकिन आज तक इन घरों को पक्का रास्ता नहीं मिला है। साल भर यहां पानी गलियों में बहता रहता है। लोगों को उसी से आवागमन करना पड़ता है।

अजय कश्यप, स्थानीय

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पेयजल का समुचित प्रबंध नहीं, लोग परेशान

नगरी अड्डे से सटे मोहल्ले में न तो पक्की गली की व्यवस्था की गई है। न पानी का प्रबंध है। लोगों को यह सुविधा तो मिलनी ही चाहिए। क्योंकि लोग इससे रोजाना परेशान हो रहे हैं। नगर परिषद को यहां जल्द विकास के कार्य करवाना चाहिए।

राममूर्ति, स्थानीय


नगर परिषद को पहल करनी चाहिए

प्रधान पद पर रहते हुए नगरी अड्डे से सटे मोहल्ले में निकासी की समस्या का समाधान करने के लिए 50 लाख की लागत से नाले के निर्माण के टेंडर करवाए गए थे। लेकिन बाद ठेकेदार से काम करने से इंकार कर दिया। इस बीच नगर परिषद का कार्यकाल भी खत्म हो गया। अब इस समस्या का समाधान करने के लिए नगर परिषद को पहल करनी चाहिए। वहीं कोर्ट रोड पर जाम की समस्या का समाधान करने के लिए जिला प्रशासन को प्रयास करने की जरूरत है।
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रजिंदर सिंह बब्बी, पूर्व प्रधान, नगर परिषद कठुआ व वार्ड दो के पूर्व पार्षद

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कोट...
कोर्ट रोड पर लगने वाले जाम की समस्या को देखते हुए परिषद लगातार सक्रिय रहते हुए वहां किसी भी तरह का अतिक्रमण न होने के काम करता है। समस्या का पूरी तरह से समाधान ट्रैफिक पुलिस को तलाश करना होगा। वहीं नाले के निर्माण के बारे में अधीनस्थ कर्मचारियों से बात की जाएंगी। अगर नाले के निर्माण के लिए फंड उपलब्ध है तो इसका निर्माण जल्द करवाने का प्रयास किया जाएगा।

अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ।
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