संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। जहां एक तरफ सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग महीनों से पेयजल आपूर्ति को तरस रहे हैं। रविवार को सीमावर्ती गांव गुज्जर चक में लोगों ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गांव में एक वर्ष पहले शुरू हुआ ट्यूबवेल का काम तो पूरा हो गया है,लेकिन अभी तक लोगों को पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हुई है। उन्होंने कहा पाइपलाइन बिछाने का काम भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया है।
प्रदर्शन में शामिल पूर्व नायब सरपंच कुलदीप वर्मा ने कहा एक साल पहले यहां जल जीवन मिशन के तहत ट्यूबवेल बनाने का काम शुरू हुआ था। लेकिन अभी तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हुआ है। पाइपें बिछाई गई हैं लेकिन उन्हें जोड़ा नहीं गया है। उन्होंने बताया कि गुज्जर चक के दो गांव, कडयाला, चक चंगा और उसके आसपास के करीब आधा दर्जन गांव को जल आपूर्ति होनी थी। करीब 1200 की आबादी आज भी अपने नलों से पानी की बूंद टपकने का इंतजार कर रही है।
एक वर्ष से इस गांव में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है और लोग गांव में बने निजी हैंडपंपों के पानी पर निर्भर हैं। लेकिन विभाग लोगों की परेशानी को लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। अमित शर्मा ने कहा लोग पेयजल आपूर्ति को तरस रहे हैं और विभाग काम पूरा करने में लगातार देरी कर रहा है। जो पाइपलाइन बिछाई गई है उसे कई जगह से जोड़ा नहीं गया है जिसकी वजह से उनमें भी गंदगी भर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो सड़कों पर धरना देंगे।
जब इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग के एईई से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से बात करके जानकारी देंगे लेकिन उसके बाद जब उन्हें फिर से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।