संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ रेलवे रोड पर लगातार बहने वाले नाले के गंदे पानी से परेशान स्थानीय लोगों ने कड़ा रोष जताया है। औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर भी लोगों ने संंबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है और जनता की आवाज बनने का दावा करने वाले नेता भी उनकी सुध नही ले रहे। पवन मिश्रा ने कहा कि रिहायशी क्षेत्र से सटे इलाके में स्थापित औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाला दूषित पानी सड़क पर बह रहा है। इस वजह से लोगों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ औद्योगिक इकाईयों के कारण बढ़ रहा वायु प्रदूषण अस्थमा जैसे रोगों से लोगों को ग्रसित कर रहा है।
वहीं, जाकिर हुसैन ने बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए यहां चलने वाली सीमेंट उत्पादन इकाईयों के साथ एक टायर फैक्ट्री को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हर कोई बीमार हो रहा है। इतना सब कुछ होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण विभाग गहरी नींद सोया हुआ है। उन्हाेंने औद्योगिक इकाईयों से निकल रहे गंदे पानी से लोगों को बचाने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और वायु प्रदूषण से बचाव के इंतजाम किए जाने की मांग की। रेलवे स्टेशन से कठुआ शहर को जोड़ने वाले मार्ग पर बेहतर ड्रेनेज के साथ सफाई के प्रावधान किए जाने की मांग भी उठाई। अनिल पांडेय, दर्शन पंडित, सुनील शर्मा, संजीव शर्मा ने बढ़ते प्रदूषण के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।