सरथल में बीएसएनएल टावर का सिग्नल गायब
सेटेलाइट लिंक स्पेस उपलब्धता बनी बाधा
बनी। पर्यटन स्थल सरथल में मोबाइल नेटवर्क के लिए लोगों को अभी 15 दिन इंतजार करना होगा। कुछ दिन पहले सक्रिय किए बीएसएनएल के टॉवर का नेटवर्क नहीं चल रहा है। विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक टावर सेटेलाइट के माध्यम से चलना है और फिलहाल इस टावर के लिए सेटेलाइट लिंक स्पेस उपलब्ध नहीं हो पाया है।
सरथल के स्थानीय लोग इन दिनों मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। हाल ही में बीएसएनएल की ओर से लगाए गए मोबाइल टावर के जरिए उम्मीद की किरण जगी थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। फील्ड इंजीनियरों की टीम हाल ही में सरथल आई थी। उन्होंने बताया कि जल्द ही इलाके में मोबाइल की घंटी बजनी शुरू हो जाएगी। कुछ घंटे के लिए नेटवर्क सक्रिय हुआ, लेकिन फिर से यह सेवा बंद हो गई। बता दें कि सरथल के स्थानीय लोगों को मोबाइल नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण परिजनों से बात करने के लिए 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यह न सिर्फ मुश्किल है, बल्कि आपात स्थिति में यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है। संवाद
सरथल के अलावा कोटी, कछीड़, दौल्का और बांजल में लगाए जा रहे टावर
बीएसएनएल अधिकारी ने बताया कि सरथल के अलावा बनी के गांव कोटी, कछीड़, दौल्का और बांजल जैसे दुर्गम इलाकों में बीएसएनएल टावर लगाए जाने हैं। इन क्षेत्रों में भी नेटवर्क की समस्या को शीघ्र ही हल कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही यह सुविधा पूरी तरह से चालू होगी, जिससे न केवल उनकी जिंदगी आसान होगी।
सरथल में लगाए बीएसएनएल टावर को सेटेलाइट से संचालन में लाया जाना है। मगर सेटेलाइट लिंक स्पेस न मिलने के कारण अभी यह टावर पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा है। अगले 15 दिन में यह समस्या सुलझने की संभावना है। इसके बाद सरथल में स्थायी रूप से मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध हो सकेगा।
नितिन महाजन, जूनियर टेलीकॉम अफसर बीएसएनएल