शहर में शौचालय न होने, राशन न मिलने और किसानों की फसल के नुकसान का आकलन नहीं होने समेत विभिन्न समस्याओं के विरोध में शनिवार को शहर के विभिन्न वार्डों के लोगों ने जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पाई। ऐसे में अब उन्हें मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन को प्रयास करने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य गोपाल महाजन ने कहा कि लोगों को दो महीनों से राशन नहीं मिला है। विभाग लोगों को बार-बार आश्वासन देकर ही टाल रहा है। फूड स्टोर श्रमिक भी हड़ताल पर हैं और ऐसे में डिपो पर राशन नहीं पहुंच रहा है।
इसके कारण लोगों को मार्च में भी राशन मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। राशन के लिए अगर ऐसी स्थिति पैदा हुई है तो इसके लिए विभाग ही जिम्मेदार है। प्रो साईं दास ने कहा कि खेत बिना सिंचाई के सूख गए हैं। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। बारिश तो हुई नहीं, प्रशासन ने भी नहरों के माध्यम से पानी नहीं पहुंचाया।
ऐसे में अब प्रशासन को चाहिए कि फौरन किसानों को मुआवजा देने के लिए सर्वे कर नुकसान का आकलन करे। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को ही उनकी मेहनत से वंचित किया जाएगा तो किस प्रकार किसान पूरे देश को राशन उपलब्ध करवा पाएंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगों ने कहा कि शहर में पर्याप्त संख्या में शौचालय नहीं है। इसके कारण लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी होती है। लोगों ने कहा कि तमाम मुश्किलों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने अगर प्रयास नहीं किए तो उग्र रुख अपनाना पड़ेगा।