पानी से भरे गुब्बारे और पिचकारी के साथ बैठी होलचियों की टोली, होली पर हर तरफ नजर आई। जैसे ही उन्हें कोई दिखाई देता, एक साथ होली है कहते हुए रंगने के लिए दौड़ पड़ती। यह नजारा बुधवार सुबह होने के साथ दिखाई देने लगा था। इसके बाद तो जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, त्योहार का रंग गाढ़ा होता गया। यह नजारा बसोहली, महानपुर, हीरानगर आदि जिले के सभी इलाकों में देखने को मिला।
पिछले कई दिनों से होली की खरीदारी के बाद बुधवार को त्योहार मनाने का मौका था। इस दौरान कठुआ शहर समेत आसपास और सुदूरवर्ती इलाकों में रंग-गुलाल से रौनक देखने को मिली। हर तरफ होली की धूम रही। बच्चों और युवाओं की टोलियों के उत्साह देखते बन रहे थे। इस दौरान गली मोहल्लों का मोर्चा बच्चों ने संभाला, तो सड़कों पर युवाओं की टोलियां बाइक पर मंडराती रहीं। जो भी बिना रंग का दिखा, उसी पर रंगों की बौछार कर दी।
इसकी वजह से शहर के मुख्य बाजार से लेकर चौक-चौराहों और आवासीय इलाके गुलजार रहे। कठुआ से कालीबड़ी तक कई स्थानों पर युवाओं की टोलियां गुलाल उड़ाने के साथ ढोल और डीजे की थाप पर थिरकती नजर आईं।