देश की बेटियों को बताया रोल मॉडल, एस-400 की ताकत का किया जिक्र
मढ़ीन और हीरानगर जोन के अलावा अन्य सभी शिक्षा जोन में आज लगेंगी कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/बनी। भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात में सुधार होने के बाद जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में स्कूलों की घंटी फिर से बज गई है। शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद बनी, बसोहली, महानपुर और बिलावर के स्कूल शुरू हो गए। वहीं, वीरवार से कठुआ, लखनपुर, सल्लन, बरनोटी, घगवाल शिक्षा जोन के अधीन आते स्कूलों में कक्षाएं शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पहले दिन स्कूलों में बच्चों की हाजिरी कुछ कम रही, लेकिन कक्षाएं नियमित चलीं। वीरवार से स्कूलों में हाजिरी और भी बढ़ने की संभावना है। बसोहली और बनी में सात दिन से बंद पड़े स्कूलों में रौनक लौट आई। बच्चों के चेहरों पर फिर से मुस्कान दिखाई देने लगी है। बच्चों ने कहा कि युद्ध की स्थिति के कारण पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा था, लेकिन अब स्कूल खुलने से वे फिर से पढ़ाई में ध्यान दे पा रहे हैं। बच्चों ने कहा कि इस तरह युद्ध की स्थिति में बच्चों के भविष्य पर काफी असर पड़ता है। पढ़ाई करना बेहद मुश्किल होता है, जबकि स्कूल भी बंद हो जाते हैं और घर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति और ज्यादा पढ़ाई पर असर डालती है। युद्ध किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं।
सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह से काफी प्रेरित हैं। बड़ी होकर भारतीय सेना ज्वाइन कर देश की सेवा करुंगी। स्कूल बंद रहने से पढ़ाई पर काफी असर पड़ा था और ब्लैकआउट के समय पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो जाता था।
प्रियंका देवी, छात्रा
मेरे रोल मॉडल भी सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह हैं। मैं भारतीय सेना को सलाम करती हूं और बड़ी होकर आर्मी डॉक्टर बनना चाहती हूं।
किरण शर्मा, छात्रा