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Kathua News: 60 लाख हुए खर्च, नहीं मिली शहरवासियों को पाथ-वे की सुविधा

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बदहाल हो रहा लोगों की सुविधा के बनाया गया पाथ-वे।  संवाद
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- सावन चक गुरुद्वारा से कूका चक तक किया जाना था विकसित
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- झाड़ियां और पेड़ों की ओट में छिप गया निर्माण


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पंकज मिश्रा

कठुआ। शहर में सैर करने के शौकीनों के लिए बनाए जाने वाले पाथ-वे का निर्माण अधर में है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य दो साल पहले बंद कर दिया गया। करीब 60 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, अब तक लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।
वहीं, पाथ-वे का जितना हिस्सा तैयार हो चुका है, वहां भी झाड़ियों का डेरा बन चुका है। करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस पाथ-वे का निर्माण शहर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाना था। ताकि सैर के शौकीनों की सुविधा के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को यहां की व्यवस्था और सुंदरता का माॅडल दिखे। निर्माण में पाथ-वे पर आकर्षक टाइलें लगाने के साथ स्ट्रीट लाइट्स और किनारों की सुंदरता के लिए आर्नामेंटल फूल वाले पौधे लगाए जाने थे।
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साफ-सफाई व रखरखाव के अभाव के कारण मौजूदा समय में यह मार्ग झाड़ियों से पटा दिखता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर कचरा भी रहता है। कुछ जगह का लोग अपने निजी काम के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
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तत्कालीन निदेशक के हस्तक्षेप के बाद से ठप पड़ा निर्माण


फरवरी 2022 में पाथ-वे का निर्माण शुरू होने के बाद स्थानीय निकाय विभाग के तत्कालीन निदेशक पुनीत शर्मा पाथ-वे का निरीक्षण करने कठुआ पहुंचे थे। लोगों ने उन्हें बताया कि पाथ-वे का निर्माण बिना ठोस योजना के करवाया जा रहा है। निर्माण में घटिया टाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने मांग की थी कि उम्दा क्वालिटी का पाथ-वे बनाया जाए ताकि शहरवासी इस पर सुबह-शाम सैर कर सकें। इसके बाद बंद हुआ निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया।

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नई डीपीआर बना टाइल व स्ट्रीट लाइट लगाने की पहल की


दरअसल दो साल से बंद पड़ी याेजना की प्रशासन ने नई डीपीआर बनाकर नहर के किनारे टाइल और स्ट्रीट लाइट लगाने की पहल की थी। पहले चरण में डीसी आफिस से लेकर ड्रीमलैंड पार्क तक स्ट्रीट लाइट लगाई गईं। हाल फिलहाल के दिनों में भी इसी ट्रैक पर 4.5 लाख की लागत से 25 और नई लाइटें लगाई गई हैं। लेकिन इसके बाद भी ट्रैक के आसपास न तो सफाई हुई और न ही बीच में आने वाली डिस्टीब्यूट्री को कवर करने के लिए पहल हुई है। शहर में सुबह और शाम सैर करने वालों को इस सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
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कोट..

शहर के सौंदर्यीकरण के साथ बड़ी सुविधा प्रदान करने वाली इस योजना के प्रति नगर परिषद गंभीर है। जिला प्रशासन से भी चर्चा हुई है। जिसमें इस पाथ-वे को विस्तार देकर चुकंदर फीडर से लेकर कूका चक तक किए जाने के साथ पीपीपी मोड पर करने का विचार किया जा रहा है। ताकि इसका रखरखाव भी हो और यह परिषद की आमदनी का जरिया भी बन पाए।
अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ।
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