भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे ग्रामीणों के मुद्दों पर पैंथर्स पार्टी ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को जिला सचिवालय के सामने एकत्रित पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
साथ ही चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों के साथ वादे कर सत्ता हासिल करने वाली सरकार ने जल्द ठोस व्यवस्था नहीं की तो पैंथर्स पार्टी आंदोलन चलाने से परहेज नहीं करेगी।
पार्टी नेताओं ने कहा है कि मांगें पूरी न होने पर विधानसभा और संसद का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों को सीजफायर उल्लंघन के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
तारबंदी के पार हजारों कनाल भूमि पर खेती नहीं हो पाती है। फसलों का व्यापक नुकसान होता है। गोलाबारी के दौरान मवेशी मारे जाते हैं। मकान क्षतिग्रस्त होते हैं। इस सबके बावजूद सरकार मुआवजा देने से कतराती है। उन्हाेंने कहा कि मुआवजे के नाम पर जो कुल मिलता है वह न के बराबर होता है।
चुनाव के पहले सीमावर्ती ग्रामीणों को मुआवजा, युवाओं के लिए विशेष भर्ती, एलओसी की तर्ज पर आरक्षण, पांच-पांच मरला भूमि का प्लाट देने का वादा करने वाली सरकार डेढ़ वर्ष बाद भी चुप्पी साधे हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों में शामिल अन्य नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि सरकार इसी तरह उदासीन रही तो विधानसभा से लेकर संसद का घेराव करने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।