संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्र सरकार की ओर से घोषित पुनर्वास राशि वितरण प्रक्रिया के धीमी गति से संचालित होने पर वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों का रोष बढ़ता जा रहा है। शनिवार को शहर के ड्रीमलैंड पार्क में हुई बैठक में रिफ्यूजियों ने राशि वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने व इसके लिए तय की गई समयसीमा को बढ़ाने की मांग की।
लाभार्थियों ने कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी के समक्ष अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि सरकार द्वारा पुनर्वास राशि के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च तय कर दी है। लेकिन अभी तक जिस तरह से प्रक्रिया चलाई गई है उससे अधिकांश लोग सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सुविधा से वंचित हैं। ऐसे में अगर इसे अभी बंद कर दिया जाता है तो बड़ी संख्या में लोग सरकार से मिलने वाले इस लाभ से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने रिफ्यूजियों की समस्या को सरकार तक पहुंचाने की मांग की।
गांधी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 5764 वेस्ट पाकिस्तानी परिवार रहते हैं, जिसे सरकार भी मानती है। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए ही सरकार ने वर्ष 2018 में पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी। लेकिन इसके लाभ लेने के लिए के लिए रिफ्यूजियों को काफी जटिल प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, इस काम में अब तक राजस्व विभाग से अपेक्षित सहयोग भी नही मिला है। जिसके कारण अब जम्मू में 15 सौ परिवार, कठुआ में 675 और सांबा में केवल 40 परिवार को ही इसका लाभ मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वह सरकार की ओर होने वाली पहल का इंतजार कर रहे है। अगर उनके लोगों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी हाेती है। तो लोकतांत्रिक तरीके से वह अपने लोगों की आवाज को उठाने से पीछे नही रहेंगे। बैठक में रूप लाल, देस राज, थुडू राम, राम दयाल, सुदेश कुमार, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।