कठुआ। जिले के पहाड़ी उपमंडल बनी में औषधीय गुणों से युक्त बरबरीस (स्थानीय भाषा में रसोंथ व कैंबलू) की तेजी से हो रही अवैध परिवहन गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। तहसीलदार बनी प्रद्मुमन अत्री की अगुवाई में की गई कार्रवाई के दौरान बरबरीस की लकड़ी से भरे एक वाहन को जब्त कर लिया गया जो बिना अनुमति के बरबरीस रूट की ढुलाई कर रहा था।
तहसीलदार प्रद्युम अत्री ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बरबरीस रूट की अवैध कटाई और परिवहन की शिकायतें मिल रही थी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 24,000 क्विंटल बरबरीस रूट की वैध अनुमति दी गई है और 30 वाहन कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तहसील से बाहर भेजे गए हैं। लिहाजा तहसील प्रशासन ने वन विभाग और पुलिस के साथ मिलकर जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई गाड़ियों की तलाशी ली गई जिसमें एक वाहन को जब्त भी किया गया है।
तहसीलदार ने कहा कि सरकारी वन भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति बरबरीस रूट की कटाई या परिवहन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल निजी भूमि से ही अनुमति प्राप्त कर कटाई की जा सकती है। सरकारी वन भूमि या निजी भूमि के बाहर किसी भी प्रकार की कटाई या निकासी पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि ऐसी गतिविधि कहीं पर भी पाई जाती है तो लोग इसकी शिकायत तहसील कार्यालय, वन अधिकारियों या पुलिस के पास दर्ज करा सकते हैं।
तहसीलदार ने बताया कि पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए बरबरीस रूट की कटाई वैज्ञानिक पद्धति से की जा रही है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। नियमों के अनुसार केवल 40 प्रतिशत तक ही कटाई की अनुमति दी गई है और वह भी ढलान वाले क्षेत्रों में 30 डिग्री से कम ढलान पर। यह नियम पौधे के संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।