अपराध स्वीकार करने पर न्यायाधीश ने अदालत उठने तक न्यायिक हिरासत में भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक हजार रुपये जुर्माना तथा अदालत उठने तक की न्यायिक हिरासत में भेजने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला आरोपी की ओर से अपना अपराध स्वीकार करने के बाद सुनाया गया है।
मामले की सुनवाई मुंसिफ न्यायाधीश वीरेन मगोत्रा की अदालत में की गई। इसमें आरोपी सैफ अली निवासी अथियालता बसोहली पर आरोप था कि वह अपने वाहन को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। इसके बाद, कठुआ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान को 23 अप्रैल 2026 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। 18 मई को कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुले न्यायालय में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह अपराध स्वीकार करता है तो कानून के अनुसार उसे दोषी ठहराया जाएगा। इसके बावजूद, आरोपी अपने बयान पर कायम रहा और अदालत से कानून के अनुसार कार्रवाई करने की प्रार्थना की। अदालत ने आरोपी के बयान और परिस्थितियों को देखते हुए माना कि उसने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। आरोपी की ओर से जुर्माने की राशि मौके पर कोर्ट में जमा करने के बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया गया।