कठुआ/बिलावर। उपजिला बिलावर के रामकोट तहसील से सटे मकवाल गांव में सोमवार देर रात तेंदुए ने घुस कर घर लौट रहे किशोर को मौत के घाट उतार दिया। सुबह गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने छलां चौ पर बिलावर-दियाला चक-उधमपुर मार्ग को आठ घंटे जाम कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पुलिस लाठियां बरसा कर उन्हें हटाने की कोशिश की मगर वह नहीं माने और बाद में एडीसी के आश्वासन के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी, पीएचसी रामकोट में पोस्टमार्टम की सुविधा और आदमखोर तेंदुए से निजात दिलाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार बिलावर के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में बर्फ की चादर बिछने के साथ ही जंगली जानवर निचले इलाकों का रूख कर गए हैं। रामकोट तहसील से सटे मकवाल गांव में तेंदुए ने सोमवार देर शाम एक किशारे को युवक को मौत के घाट उतार दिया। मकवाल निवासी पुरुषोत्तम कुमार शाम करीब चार बजे घर से रामकोट के लिए निकला था। रात को नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। तलाश करने पर रात करीब बारह बजे घर से दो सौ मीटर की दूरी पर वह बेहोश मिला। आनन-फानन में उसे रामकोट पीएचसी ले जाया गया, जहां उसे मृत लाया घोषित कर दिया गया। मंगलवार को पीएचसी में पोस्टमार्ट की सुविधा नहीं होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने रोष जताया, जिसके बाद बीएमओ की ओर से गठित टीम ने पोस्टमार्टम कर परिजनों के हवाले कर दिया।
उधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने छलां चौक पर बिलावर-दियालाचक-उधमपुर मार्ग को जाम करते हुए जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें पीड़ित परिजनों को मुआवजे के साथ नौकरी, तेंदुए की दहशत से निजात दिलाने और पीएचसी में पोस्टमार्टम की सुविधा मुहैया करवाने की मांग उठाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए जमकर लाठियां भांजी। इस कारण पीड़ित परिवार भी विफर पड़ा और शव को रामकोट में धार सड़क पर रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एडीसी के आश्वासन दिया, जिसके बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। उधर, आठ घंटे तक मार्ग जाम रहने से यातायात ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद तीन बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची टीम ने क्षेत्र के आसपास तेंदुए के पंजे के निशान भी देखे हैं।
वन्यजीव विभाग देगा 3 लाख मुआवजा
मौके पर पहुंचे वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार जंगली जानवरों की दस्तक के संबंध में विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को बताया जा रहा था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। उधर, युवक की मौत पर विभाग ने तीन लाख का मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि मुआवजे के लिए पुलिस रिपोर्ट की कॉपी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज भी विभाग के पास जल्द से जल्द जमा करवाए जाएं।
इसी साल तेंदुए के हमले की दूसरी वारदात
बसोहली और बिलावर के इलाकों में तेंदुए आम तौर पर मवेशियों को हर साल मौत के घाट उतार देते हैं, लेकिन इंसानों पर हमले की वारदातें कभी कभार ही सामने आती हैं। मकवाल में तेंदुए के हमले से युवक की मौत के बाद लोग डरे हुए हैं। चूंकि इसी वर्ष में इंसानों पर तेंदुए के हमले की यह दूसरी वारदात है। जुलाई माह की शुरुआत में उपजिले की लाहड़ी पंचायत में तेंदुए ने एक घर में घुसकर सोए हुए व्यक्ति पर हमला कर दिया था। इसमें करतार चंद निवासी लाहड़ी की जीएमसी में मौत हो गई थी। क्षेत्र के लोग इसी साल हुई लगातार दूसरी ऐसी वारदात के बाद तेंदुए के आदमखोर होने की आशंका जता रहे हैं। वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त वार्डन एमके कुमार ने बताया कि विभाग क्षेत्र में सक्रिय तेंदुओं पर नजर रखे हुए है। फिलहाल विभाग ने टीम को मकवाल इलाके में सक्रिय कर दिया है। जो पटाखों की मदद से जहां तेंदुए को इलाके से भगाएंगे वहीं दो ट्रैप भी लगाने जा रहे हैं ताकि तेंदुए को किसी अन्य जगह शिफ्ट किया जा सके।
परिवार का सहारा छिना
तेंदुए के हमले में मृतक पुरुषोत्तम कुमार इकलौती संतान था। परिवार की आर्थिक सहायता करने के लिए वो भी इन दिनों सेना में भर्ती का सपना देख रहा था। मगर दिहाड़ीदार पिता का एकमात्र सहारा छिन गया है। इससे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।