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एक डॉक्टर के सहारे ट्रॉमा अस्पताल

Sat, 13 Feb 2016 01:37 AM IST
ब्यूूूराे/अमर उजाला, कठुआ/महानपुर
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सड़क हादसों के लिहाज से संवेदनशील जिले के पर्वतीय इलाकों को फौरी उपचार देने के लिए बनाया गया ट्रॉमा अस्पताल फिर बदहाल हो गया है। इसके चलते वीरवार रात हुए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाना पड़ा। इसके साथ ही चार लोगो को जीएमसी रेफर भी करना पड़ा।
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वहीं जिला अस्पताल में भी डाक्टरों की कमी के कारण घायलों को अक्सर रेफर करने की नौबत आ रही है। वहीं लोगों ने एक बार फिर ट्रामा अस्पताल में डाक्टरों की तैनात की मांग तेज हो गई है। गौरतलब है कि इमारती निर्माण के बावजूद अस्पताल पहले दो वर्ष तक बिना स्टाफ के लोगों के लिए परेशानी बना रहा।

वहीं सात विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती करने के बाद अब फिर से हालात ढाक के तीन पात जैसे हो गए हैं। वर्तमान में अस्पताल के पास सिर्फ एक विशेषज्ञ डॉक्टर ही उपलब्ध है। ऐसे में ट्रॉमा अस्पताल फिर से सफेद हाथी साबित हो रहा है।
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महानपुर के सरपंच रंगील सिंह के अनुसार सरकार ने यदि ट्रॅामा अस्पताल बनाया है तो उसे दर्जे की तमाम सुविधाएं दी जानी चाहिए, जबकि यहां पर हालात बिल्कुल उलट हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल ही स्वास्थ्य निदेशालय ने ट्रामा सेंटर के लिए हड्डी रोग, सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ तैनात किए थे। वर्तमान में ट्रॉमा अस्पताल में केवल बाल रोग विशेषज्ञ ही उपलब्ध है, जबकि शेष डॉक्टरों की सेवा अस्पताल को नहीं मिल रही है।

ऐसे में ट्रॉमा अस्पताल की सुविधा केवल नाम तक ही सीमित हो गई है। चीफ मेडिकल अफसर बसंत शर्मा ने कहा कि वर्तमान में केवल एक ही विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवा मिल पा रही है। इस मामले को लेकर उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचित कर जल्द डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
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