रैहण मंडला गांव में अचानक पहाड़ से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी, जिससे लोग खाना छोड़कर जान बचाकर भागे। करीब 200 लोगों ने सत्संग भवन में शरण ली, जहां खाने-रुकने की व्यवस्था की गई है।
बसोहली के रैहण मंडला गांव में अचानक पहाड़ी से आई बाढ़ ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। पत्थरों और पानी के तेज बहाव ने लोगों को खाना बनाते और रोजमर्रा के काम करते समय ही घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि एक पल के लिए ऐसा प्रतीत हुआ जैसे बादल फट गया हो।बारिश और कीचड़ के बीच गांव के युवाओं ने साहस दिखाते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें राधा स्वामी सत्संग भवन तक पहुंचाया, जहां करीब 200 से अधिक लोगों ने शरण ली है। सत्संग भवन में ही भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने नाराजगी जताई कि प्रशासन घटना के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचा।
ग्रामीणों में सोहन लाल, मिंटू, दलजीत, करण, इंद्रजीत, बबली देवी और रेणु बाला ने बताया कि अचानक घरों के भीतर और आसपास पहाड़ से पानी और मलबा आने लगा। लोग एक-दूसरे को चेतावनी देते हुए भागने में मदद करते दिखे। कई घरों में चूल्हे जलते ही रह गए और लोगों को दरवाज़े तक बंद करने का समय नहीं मिला। अब गांव में भय का माहौल है। लोग सत्संग भवन में ही रुके हुए हैं और मौसम साफ होने के बाद ही घर लौटने की योजना बना रहे हैं।