मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक दायित्वों का भी नागरिकों को पता होना जरूरी
कठुआ। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डीएसपी मुख्यालय रविंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पाठशाला में डीएसपी ने विद्यार्थियों को कानून की बुनियादी जानकारी देने के साथ-साथ समाज में बढ़ रहे अपराध और नशे पर जागरूक किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज प्रोफसर डॉ. यशपाल ने पुलिस और मीडिया की समाज में भूमिका पर प्रकाश डाला। डीएसपी रवींद्र सिंह ने बताया कि अब लोग एफआईआर दर्ज करवाने के लिए व्हाट्सएप और ईमेल जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों के महत्व के बारे में अवगत कराया। डीएसपी ने पुलिस के कार्य और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। पुलिस का मुख्य कार्य अपराध को रोकना, यदि अपराध हो तो उसकी जांच करना और सही तरीके से कोर्ट में पेश करना है। संवाद
नए कानूनों और साइबर अपराधों पर चर्चा
पाठशाला में डीएसपी ने नए कानूनों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की हिदायत दी। डिजिटल फ्रॉड, जैसे कि ओटीपी धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से बचने के उपाय भी बताए।
उन्होंने बताया कि नए कानूनों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं, जो औपनिवेशिक काल के पुराने कानूनों का स्थान लेते हैं। इन कानूनों के तहत जीरो एफआईआर, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा और अपराध स्थल की वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल हैं। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को तेज करने के लिए समय सीमा तय की गई है। इसके अलावा सामुदायिक सेवा को सजा के एक नए स्वरूप के रूप में पेश किया गया है। संवाद
यातायात नियमों के पालन की अपील
डीएसपी ने यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कठुआ में हेलमेट न पहनने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जाहिर की और बताया कि जम्मू-कश्मीर में हर साल लगभग 800 सड़क दुर्घटनाओं में मौत होती है, जिनमें से आधी मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर लापरवाही करार दिया और नियम पालन को अनिवार्य बताया।