बसंतपुर से विजयपुर तक 32000 कृषि सिंच्य भूमि की सिंचाई करने वाली रावी-तवी कनाल का हलक सूख गया है। रंजीत सागर बांध में सभी टरबाइनों को एकसाथ बंद करने से जम्मू कश्मीर के एक बड़े इलाकों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है।
पंजाब ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के हक को नजरअंदाज करते हुए सभी टरबाइनों को एकसाथ बंद कर दिया है। दो साल पहले हुए उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला हुआ था कि दिसंबर से मार्च महीने तक कम से कम एक टरबाइन चलाकर पानी के प्रवाह को जारी रखा जाएगा। इस बार बारिश नाममात्र की हुई है। इसके चलते रंजीत सागर बांध का जलस्तर घट चुका है। खेतों में सूखा पड़ा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध से कम से कम 5000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होने और 12 से 24 घंटे तक बसंतपुर पंपिंग स्टेशन में पंप चलने के बाद ही पानी विजयपुर में आखिरी छोर तक पहुंचता है। इस बार ऐसा नहीं हुआ। दिसंबर के मध्य में ही रंजीत सागर बांध को मरम्मत कार्य के चलते पूरी तरह से बंद कर दिया गया। हालांकि, यह काम एक टरबाइन को चलाकर भी किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
दिसंबर से फरवरी की दस तारीख तक एक से दो घंटे तक ही स्टेशन के दो पंप पानी को खेेतों तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे। इसका नतीजा यह निकला कि कुछ देर के लिए ही सही पानी लखनपुर या फिर खरोट तक सिंचाई करता रहा, लेकिन लगातार पानी न छोड़े जाने से अब रावी तवी विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय से जारी आदेश के बाद नहर में क्लोजर घोषित कर दिया गया है।
उस पर यह भी कि नहरों की मरम्मत की जाएगी, लेकिन खेतों के सूखाग्रस्त होने से नहरों की मरम्मत किस काम आएगी यह समझ के परे है।