बिलावर। उप मंडल मुख्यालय से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोटी गांव में यात्री वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन कोटी गांव और उससे सटे अन्य मोहल्लों की 2,000 से अधिक आबादी को पैदल या निजी वाहनों का सहारा लेकर बिलावर तक आना-जाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी रामकृष्ण, संजय कुमार, रंजीत और अजय कुमार ने बताया कि उनके गांव को सरकार ने 15 वर्ष पूर्व सड़क संपर्क से जोड़ा था लेकिन उनके गांव के लिए कोई भी मिनी बस या यात्री बस जैसी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई।
गांव में इतने सक्षम लोग नहीं रहते कि उनके पास निजी वाहन हों। इसलिए लोगों ने सरकार और परिवहन निगम से उनके गांव के लिए मिनी बस या फिर यात्री बस की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है लेकिन किसी ने भी उनकी मांग को पूरा नहीं किया। नतीजतन लोगों को ई-रिक्शा या फिर निजी वाहनों पर सवार होकर बिलावर तक आना-जाना पड़ता है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संवाद