- मुखर्जी चौक में 25 करोड़ की लागत से होना था तैयार
- 35 दुकानों के साथ 50 वाहनों की पार्किंग की होनी थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के मुखर्जी चौक में ठप पड़े आधुनिक शॉपिंग कांप्लेक्स का काम नींव से आगे नहीं बढ़ पाया है। 25 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला निर्माण पिछले करीब तीन साल से ठप पड़ा है। इस शॉपिंग कांप्लेक्स से रोजगार के साधन भी सृजित किए जाने थे, जो अब अधर में ही है।
इस परियोजना का काम लंबित होने का कारण फंड का अभाव बताया जा रहा है। ऐसे में यह अधूरी परियोजना शहर के लोगों के लिए निराशा का कारण बनी है। दरअसल, शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण कर रहे ठेकेदार को उसके बिलों के मुताबिक राशि न मिलने के कारण काम को बंद कर दिया था जो आज तक शुरू नही हो पाया है।
वर्ष 2021 में शॉपिंग कांप्लेक्स का काम शुरू करवाते वक्त अधिकारियों ने यह कार्य एक साल में पूरा करने का दावा किया था, जो अब तक सामने नही आ पाई है। अलबत्ता शॉपिंग कांप्लेक्स की भव्य इमारत के स्थान पर नींव खोदी गई है वह लगातार तालाब बना हुआ है। जो आने वाले गर्मी के सीजन में डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की वजह बनेगा।
दरअसल इस निर्माण में लगे ठेकेदार ने अब तक किए गए काम के दो करोड़ रुपये के बिल नगर परिषद में जमा करवाए हैं लेकिन नगर परिषद अभी तक केवल 90 लाख रुपये ही अदा कर पाया है। यह काम रुकने की मुख्य वजह है।
भुगतान न होने पर ठेकेदार ने रोका काम
पहले चरण में होने वाले निर्माण के लिए लगभग तीन करोड़ के टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण काम भी शुरू हुआ। इसमें 37 दुकानों के साथ-साथ 50 के करीब चारपहिया वाहनों और शॉपिंग मॉल को आधुनिक बनाने के लिए सुंदर बगीचे बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। काफी तेज शुरू हुए निर्माण कार्य के तहत इमारत की निर्माण के नींव के हिस्से में काम करवाया गया था, लेकिन इसके बाद का काम ठेकेदार ने यह कर बंद कर दिया कि जब तक उसे काम की करीब दो करोड़ रुपये की पेमेंट जारी नहीं होती, तब तक आगे का काम कर पाना उसके लिए संभव नहीं है।
बिना दुकानें बनाए बेचने की योजना बना रहे अधिकारी
मुखर्जी चौक में बनने वाले शॉपिंग कांप्लेक्स की दुकानों को बेचकर नगर परिषद ने उक्त निर्माण के फंड जुटाने का प्रयास किया था। लेकिन ऐसे शॉपिंग कांप्लेक्स जहां निर्माण के नाम पर केवल नींव खोदी गई है और इमारत का कोई नामोनिशान नहीं है। ऐसी योजना में पैसे लगाने में लोगों ने कोई रुचि नही दिखाई। परिणाम यह रहा पैसे जुटाने के लिए परिषद अधिकारियों की योजना सिरे नही चढ़ पाई है।
नगर परिषद के सेल्फ फाइनेंस से होने वाले निर्माण को पूरा करवाने के लिए नगर परिषद के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं हो पाया है। लिहाजा अब इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाने के लिए योजना बनाई जा रही है। ताकि निर्माण को पूरा करवाया जा सके।
अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, कठुआ