पर्यटन मानचित्र पर लाए जा रहे थें और सतवाई गांवों में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। खासकर चिकित्सा सुविधा के लिहाज से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दोनों ही गांवों में एलोपैथिक डिस्पेंसरी की कोई सुविधा नहीं है। स्थानीय ग्रामीण सरपंच प्रदीप कुमार, सुदेश कुमार, मायाप्रकाश गुप्ता, राकेश कुमार और कमर दीन ने बताया कि थें गांव में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी तो है लेकिन एलोपैथिक पद्धति की चिकित्सा व्यवस्था नहीं दी गई है।
ऐसे में सुविधा के लिए लखनपुर या फिर महानपुर जाना पड़ता है। दोनों ही स्थान उक्त गांवों से खासी दूरी पर हैं। यदि किसी मरीज को एलोपैथिक उपचार हासिल करना हो तो उसे निकटतम लखनपुर ले जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा बुनियादी जरूरत है। सरकार द्वारा गांव गांव घर घर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत में हालात अलग हैं।